महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘भारत टैक्सी’ सेवा का महाराष्ट्र में शुभारंभ किया

आरएस अनेजा, 24 जुलाई नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता, नवाचार और समावेशी विकास के माध्यम से देश के मोबिलिटी क्षेत्र में परिवर्तन लाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि, अधिकारी तथा भारत टैक्सी से जुड़े सारथी उपस्थित थे। भारत टैक्सी  टैक्सी सारथियों को केवल चालक न मानकर उन्हें सेवा का मालिक, सहकारी संस्था का सदस्य और उसकी प्रगति का भागीदार मानते हुए  न्यायसंगत सहकारी मोबिलिटी मॉडल को आगे बढ़ा रही है। 

महाराष्ट्र में 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ राज्य के सहकारिता क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सहकारिता की पवित्र भूमि है और राज्य में सहकारिता की 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी तथा समृद्ध परंपरा रही है। देश में कार्यरत 8.60 लाख से अधिक सहकारी संस्थाओं में से लगभग ढाई लाख संस्थाएं अकेले महाराष्ट्र में कार्यरत हैं, जो देश के सहकारिता आंदोलन में महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सहकारिता का लाभ प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने और सहकारी संस्थाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से वर्ष 2021 में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। सहकारिता क्षेत्र का व्यापक अनुभव रखने वाले श्री अमित शाह को देश का पहला सहकारिता मंत्री बनाए जाने के बाद सहकारी आंदोलन को नई दिशा, नई गति और व्यापक विस्तार मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद पिछले पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए लगभग 152 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति, देशभर में दो लाख नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की स्थापना का लक्ष्य तथा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों—PACS—को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 40 हजार नई सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है।

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