“भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब केवल रॉकेट के प्रक्षेपण तक ही सीमित नहीं है : डा. जितेंद्र सिंह”
आरएस अनेजा, 08 मार्च नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अब महज़ रॉकेट के प्रक्षेपणों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, शिकायत निवारण और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देकर शासन में क्रांति लाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप’ द्वारा आयोजित ‘सुशासन के लिए अंतरिक्ष-तकनीक’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने न केवल स्टार्टअप और आजीविका सृजन के लिए, बल्कि शासन प्रथाओं को बदलने के लिए भी एक आकर्षक अवसर के रूप में भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जोर देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि कैसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, सुशासन के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
अपने उद्घाटन भाषण में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह प्रदर्शित करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया कि किस तरह भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं का दायरा, रॉकेट लॉन्च से कहीं आगे तक फैल चुका है। उन्होंने खुलासा किया कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब हर भारतीय परिवार का अभिन्न अंग बन गई है, जो अंतरिक्ष विभाग के उपग्रहों द्वारा सक्षम विभिन्न शासन सेवाओं को शक्ति प्रदान करती है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को शासन और अधिकारिता का स्तंभ बताते हुए, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी द्वारा सक्षम, कई शासन मॉडलों पर प्रकाश डाला, जिसमें परिवर्तनकारी "स्वामित्व योजना" भी शामिल है। भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए उपग्रह मानचित्रण का लाभ उठाने वाली इस पहल ने, भूमि रिकॉर्ड सत्यापन के लिए राजस्व अधिकारियों पर निर्भरता को खत्म करते हुए नागरिकों को सशक्त बनाया है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय रक्षा, सीमा निगरानी और भू-राजनीतिक खुफिया जानकारी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो भारत की सुरक्षा में अहम योगदान देती है।