बहराइच: घर के बाहर खेल रहे 8 वर्षीय मासूम को उठा ले गया तेंदुआ, गन्ने के खेत में मिला क्षत-विक्षत शव
जे कुमार बहराइच, 08 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सीमावर्ती इलाकों में आदमखोर तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में, जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में तेंदुए ने 8 साल के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, बालक शाम के समय अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी अचानक झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया और उसे खींचकर गन्ने के घने खेतों में ले गया।
चीख-पुकार सुनकर परिजनों और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ शोर मचाते हुए तेंदुए का पीछा किया, लेकिन अंधेरे और गन्ने की ऊंची फसल का फायदा उठाकर तेंदुआ ओझल हो गया। काफी खोजबीन के बाद, गांव से कुछ दूरी पर बालक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसे देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। उनका कहना है कि इलाके में लंबे समय से तेंदुए की चहल-कदमी देखी जा रही थी, लेकिन विभाग ने पिंजरा लगाने या गश्त बढ़ाने के कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसका खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए उचित सरकारी मुआवजे का आश्वासन दिया है। साथ ही, क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और थर्मल ड्रोन कैमरों से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम के बाद अकेले बाहर न निकलें और बच्चों को घरों के भीतर ही रखें। बहराइच का यह तराई इलाका अक्सर मानव-वन्यजीव संघर्ष का केंद्र बना रहता है, जहां जंगलों से सटे गांवों में जंगली जानवरों के हमले एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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