मंगलुरु कुकर ब्लास्ट मामला: NIA कोर्ट ने ISIS सदस्य मोहम्मद शारिक को सुनाई 10 साल की सजा
कर्नाटक, 27 अप्रैल (अन्नू): मंगलुरु प्रेशर कुकर ब्लास्ट केस में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ISIS सदस्य मोहम्मद शारिक को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे 10 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है और उस पर 92,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
साजिश और आतंकी गतिविधियों का खुलासा
NIA की जांच में सामने आया कि मोहम्मद शारिक 'शिवामोगा IS कॉन्स्पिरसी' केस के आरोपी अराफात अली के संपर्क में आकर ISIS की विचारधारा से प्रभावित हुआ था। शारिक ने अपने सह-आरोपी सैयद यासीन और एक विदेशी हैंडलर के साथ मिलकर भारत में IED हमलों के जरिए दहशत फैलाने की साजिश रची थी। वह आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने, फर्जी पहचान पत्र बनाने, धोखाधड़ी से सिम कार्ड लेने और बैंक खाते इस्तेमाल करने में भी शामिल था।
मैसूर में बनाया था ठिकाना
जांच के अनुसार, शारिक ने मैसूर में अपना ठिकाना बनाया था और मंगलुरु, दावणगेरे व उडुपी के संवेदनशील इलाकों की रेकी (reconnaissance) की थी। नवंबर 2022 में वह मंगलुरु के एक मंदिर में प्लांट करने के इरादे से ऑटो रिक्शा में प्रेशर कुकर IED ले जा रहा था, तभी वह समय से पहले ही फट गया। इस धमाके में शारिक खुद भी घायल हुआ था। कर्नाटक पुलिस द्वारा केस दर्ज करने के बाद NIA ने जांच अपने हाथ में ली थी और मामले की परतें खोली थीं। NIA फिलहाल अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर इस आतंकी मॉड्यूल की आगे की साजिशों की जांच कर रही है।
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