आंध्र प्रदेश विस्फोटक आपूर्ति मामला: NIA ने 3 माओवादियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट; देश की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालने की थी बड़ी साजिश
नई दिल्ली/विशाखापत्तनम, 30 मई (अन्नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाले आतंकी व प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क पर एक और करारी चोट की है। एनआईए ने आंध्र प्रदेश में सक्रिय प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन भाकपा (माओवादी) यानी CPI (Maoist) को घातक विस्फोटक सामग्री और साजो-सामान (लॉजिस्टिकल सपोर्ट) मुहैया कराने के मामले में तीन सक्रिय गुर्गों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।
एनआईए (NIA) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, यह आरोप पत्र विशाखापत्तनम स्थित एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष केस संख्या RC-12/2024/NIA/DLI के तहत पेश किया गया है।
गिरफ्तार और चार्जशीटेड आरोपियों की हुई पहचान:
नाका डेविड राज उर्फ दवेदु (ओवरग्राउंड वर्कर - OGW)
विजय विश्वास (ओवरग्राउंड वर्कर - OGW)
सोडी केसा (अंडरग्राउंड भाकपा माओवादी कैडर)
रंगे हाथों दबोचे गए थे ओवरग्राउंड वर्कर्स; यूएपीए (UAPA) समेत इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
एनआईए की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस नेटवर्क का भंडाफोड़ उस समय हुआ था जब स्थानीय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी नाका डेविड राज उर्फ दवेदु और विजय विश्वास को भारी मात्रा में विस्फोटकों की खेप के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। ये दोनों ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) इस घातक खेप को लेकर तीसरे मुख्य आरोपी सोडी केसा को सौंपने जा रहे थे, जो जंगलों में छिपकर काम करने वाला एक हार्डकोर अंडरग्राउंड माओवादी कैडर है।
एनआईए ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत पहली चार्जशीट दाखिल की है।
सुरक्षा बलों पर बड़े हमलों के लिए खरीदे जा रहे थे विस्फोटक
केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने सितंबर 2024 में स्थानीय पुलिस से इस संवेदनशील मामले की जांच को अपने हाथों में लिया था। जांच के दौरान जो चौंकाने वाले खुलासे हुए, उनका विवरण प्रेस रिलीज में इस प्रकार है:
विस्फोटकों का नेटवर्क: आरोपी डेविड राज और विजय विश्वास काफी समय से अंडरग्राउंड माओवादी कैडरों के लिए अवैध रूप से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की खरीद, परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) और सप्लाई चेन का प्रबंधन कर रहे थे।
सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश: यह पूरी विस्फोटक सामग्री सुरक्षा बलों (Security Forces) पर जानलेवा हमले करने और क्षेत्र में अशांति फैलाने के उद्देश्य से जुटाई जा रही थी। ये आरोपी पूरी तरह जानते हुए संगठन के नापाक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से माओवादियों की मदद कर रहे थे।
ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ाकर देश को अस्थिर करने का था प्लान
एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अंत में स्पष्ट किया गया है कि इस पूरी आपराधिक और आतंकी साजिश का मुख्य मकसद आंध्र प्रदेश और सीमावर्ती क्षेत्रों में भाकपा (माओवादी) संगठन की परिचालन क्षमताओं (Operational Capabilities) को मजबूत करना था, ताकि वे देश की सुरक्षा, संप्रभुता और स्थिरता को सीधे तौर पर बाधित कर सकें। एनआईए ने कहा है कि इस प्रतिबंधित संगठन के अन्य छिपे हुए लिंक और बैकवर्ड-फॉरवर्ड कड़ियों को पूरी तरह से उजागर करने के लिए आगे की तकनीकी व जमीनी जांच अभी भी लगातार जारी है।
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