असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए फंड की कमी नहीं : शिवराज सिंह

आरएस अनेजा, 3 जून नई दिल्ली - केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में राज्य से संबंधित विषयों पर बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में असम में कृषि और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए फंड और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने राज्य को कृषि अवसंरचना कोष (AIF), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), मनरेगा तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के एजेंडे पर सचिव रोहित कंसल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और मनरेगा प्रणाली की तकनीकी बाधाओं को पूरी तरह दूर कर दिया गया है। मनरेगा के तहत असम सरकार की मांग के अनुरूप राशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 1 जुलाई से देशभर में मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया जाएगा।

बैठक में असम सरकार द्वारा चाय बागान (टी-गार्डन) श्रमिकों को भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) प्रदान किए जाने के ऐतिहासिक कदम की सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इन श्रमिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ देने के लिए केंद्र सरकार एक विशेष सर्वे विंडो खोलेगी, ताकि पात्र लाभार्थियों के नाम डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए जा सकें।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने असम की विशिष्ट जलवायु और मिट्टी की विशेषताओं के आधार पर तैयार कृषि कार्ययोजना (Agriculture Action Plan) का प्रारूप मुख्यमंत्री श्री सरमा को सौंपा। बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति बनी।

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