जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री यूके के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से मुलाकात की
आरएस अनेजा, 17 जून नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री महामहिम सर कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुई पारस्परिक यात्राओं के बाद से भारत-यूके संबंधों में आई मजबूत गति की समीक्षा की और 'विजन 2035' के सभी प्रमुख स्तंभों—व्यापार एवं आर्थिक विकास, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई एवं ग्रीन एनर्जी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा शिक्षा एवं लोगों के आपसी संबंधों—में हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शीघ्र लागू होने की आशा व्यक्त की। उन्होंने मजबूत शिक्षा साझेदारी पर संतोष व्यक्त किया और बेंगलुरु में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल द्वारा अपना कैंपस स्थापित करने तथा मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के कैंपस खोलने के लिए हाल ही में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में यूके की सशक्त भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री स्टार्मर का आभार व्यक्त किया और प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया, जिसमें इंडिया-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी का हालिया शुभारंभ भी शामिल है।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
वहीं प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। वर्ष 2026 में दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी मुलाकात थी, जो भारत-यूएई की मजबूत और जीवंत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।
दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई 2026 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के परिणामस्वरूप प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति तथा सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संवाद, कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट से निरंतर निर्बाध, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जारी रखने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को इस वर्ष के अंत में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
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