'नई किरण नशा मुक्ति परामर्श केन्द्र' के प्रभावी संचालन एवं क्षमता निर्माण हेतु कार्यशाला का आयोजन : राजस्थान
एन.एस.बाछल, 31 जुलाई, जयपुर।
महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज, जयपुर द्वारा गुरूवार को "नई किरण नशा मुक्ति परामर्श केन्द्र" की प्रभावी संचालन क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन हुआ। सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2025-26 की अनुपालन में राज्य के 135 राजकीय महाविद्यालयों में स्थापित किए जा रहे "नई किरण नशा मुक्ति परामर्श केन्द्रों" के प्रभारी अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के राज्य समन्वयक (युवा कौशल विकास प्रकोष्ठ) तथा शिक्षित रोजगार केन्द्र प्रबंधक समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
संस्थान के विशेषाधिकारी डॉ. हरबीर सिंह डागुर ने बताया कि
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों में संचालित नई किरण नशा मुक्ति परामर्श केन्द्रों को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख एवं व्यवहारिक बनाना था, ताकि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए संस्थागत क्षमता का विकास किया जा सके।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए संस्थान के विशेषाधिकारी डॉ. हरबीर सिंह डागुर ने प्रधानमंत्री द्वारा 02 अगस्त, 2026 से प्रारंभ किए जा रहे "नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान" की जानकारी देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान, व्याख्यान, संगोष्ठी, कार्यशालाओं, छात्र संवाद, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा नशा मुक्ति क्लबों के गठन के माध्यम से शिक्षण संस्थानों को सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा प्रदान करना ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।
डॉ. कृष्ण कुमार कुमावत, राज्य समन्वयक (युवा कौशल विकास प्रकोष्ठ), आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भावी पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता, समयबद्ध हस्तक्षेप तथा शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में श्री राजेन्द्र चौधरी, डॉ. राणा जे. सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार कुमावत तथा श्री सर्वेश्वर चौधरी, निदेशक, स्टूडेंट्स इंटीग्रिटी फाउंडेशन ने विशेषज्ञ प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को नशा मुक्ति, परामर्श कौशल, व्यवहार परिवर्तन, सामुदायिक सहभागिता तथा महाविद्यालय स्तर पर प्रभावी गतिविधियों के संचालन संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने महाविद्यालयों में नियमित जन-जागरूकता अभियान, छात्र परामर्श व्यवस्था, नशा मुक्ति क्लबों के गठन तथा समुदाय आधारित गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त राजस्थान एवं नशा मुक्त भारत के निर्माण हेतु सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
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