बालाघाट विकास की नई राहों की ओर अग्रसर है: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 30 अगस्त, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट जिले के एक दूरस्थ गांव बोंदारी पहुंचे। उन्होंने पूर्वी क्षेत्र में नक्सल प्रभावित बोंदारी गांव के ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका समाधान किया। उन्होंने पशुपालन को बढ़ावा देने, आवास सुविधाओं, पौष्टिक भोजन के सेवन की आदत विकसित करने के लिए जन जागरूकता अभियान, वन विभाग के सहयोग, उपचार, सजा और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ग्रामीणों को ये सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित बोंदारी और कोरका गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना और यहां के बैगा समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ना है। इससे रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका सृजन के विभिन्न अवसर मिलेंगे। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक ढांचा मजबूत होगा और ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले की प्रिय बहनों को राखी बांधी और मिठाई बांटी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है 'सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार'। नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त क्षेत्रों में सड़कों, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 225 करोड़ रुपये की विकास पहल के तहत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य पालन, स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, बागवानी, जनजातीय कार्य और पर्यटन सहित विभिन्न विभागों के माध्यम से सभी सामाजिक और आर्थिक विकास कार्य किए जाएंगे।
युवाओं को जोड़ना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें बनाना ही नहीं, बल्कि सड़कों को बाजारों से, गांवों को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ना है। बालाघाट जिले में लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई), ग्राम उद्योगों और स्थानीय रोजगारोन्मुखी उद्योगों को बढ़ावा देकर इस क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। कृषि, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का साधन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास रहेगा कि गांवों में उत्पादित उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य बढ़े और उन्हें देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों और लघु उद्यमों से जोड़कर पारिवारिक आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। यहां के युवाओं को नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमशील बनाने के लिए कौशल, प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिले की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए, यहां पर्यटन, पर्यावरण पर्यटन और आदिवासी पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम किया जाएगा।
नक्सल से विकास की ओर - सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिला अब नई आशा, नए संकल्प और विकास के नए प्रकाश की ओर अग्रसर है। ऐसा बालाघाट जो नक्सल मुक्त हो और विकास एवं रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त बालाघाट निस्संदेह हमारी उपलब्धि है, लेकिन हमारा अगला लक्ष्य बालाघाट को समृद्ध, स्वतंत्र और खुशहाल जिला बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक गांव का विकास हो, प्रत्येक युवा को अवसर मिले, प्रत्येक परिवार की आय बढ़े और प्रत्येक समाज को सम्मान मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध बालाघाट में बदलने के लिए सामाजिक अवसंरचना और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त क्षेत्रों में विकास की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। सड़कों, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाएंगे।
बैगा समाज के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोंदारी गांव में बैगा समुदाय के समग्र विकास के लिए विशेष प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय मध्य प्रदेश की गौरवशाली आदिवासी विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ गरीब परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय की पारंपरिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका और बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। हमारी सरकार का उद्देश्य बैगा समुदाय को सम्मान, गरिमा, अधिकारों और अवसरों के साथ विकास की मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा कि सरकार बैगा समुदाय के बच्चों के बेहतर भविष्य, युवाओं के रोजगार, महिलाओं की आय में वृद्धि और प्रत्येक बैगा परिवार के जीवन में सुख के लिए पूरी संवेदनशीलता, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री और बालाघाट जिला प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, बालाघाट सांसद भारती परधी, स्थानीय विधायक संजय उइके, विधायक मधु भगत, मुख्य सचिव अशोक बरनवाल, जन प्रतिनिधि, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
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