निर्माण कार्य शुरू करने से पहले श्रम विभाग को सूचित करना अनिवार्य है, पंजीकरण पोर्टल पर किया जाएगा : मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 26 जून, भोपाल।

निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा और स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करने तथा उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पर्याप्त लाभ उपलब्ध कराने के लिए श्रम विभाग द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अंतर्गत, सभी निर्माण स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए, 'श्रम सेवा पोर्टल' मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण स्थल का विवरण, कर्मचारियों की संख्या और स्थान सहित अन्य आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि योजनाकार श्रमिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का विवरण दे सकें।

भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण अधिनियम, 1996 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी भवन के निर्माण कार्य शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक को सूचित करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। योजनाकारों को निर्माण स्थल और वहां अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में पूरी जानकारी साझा करनी होगी। यह सूचना जिला श्रम कार्यालय (एमपीबीओसीडब्ल्यू) के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है। निर्माण कार्य की पूर्व सूचना न देना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित नियोक्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई योजनाकार धारा 46 के तहत निर्माण कार्य शुरू करने की पूर्व सूचना देने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर, नियोक्ता को तीन महीने तक की कैद, दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, राज्य के सभी निर्माण विभागों को यह निर्देश भी जारी किए गए हैं कि वे किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले श्रम विभाग को अनिवार्य रूप से सूचित करें।

निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे इस अभियान में नागरिक भी शामिल हैं। कोई भी जागरूक नागरिक 'श्रम प्रहरी' बनकर श्रम विभाग को सूचित न किए गए किसी भी निर्माण स्थल की जानकारी दे सकता है। इसके लिए विभाग द्वारा एक विशेष नियंत्रण कक्ष नंबर 1800-233-8888 जारी किया गया है, जहां जनता अपनी सूचनाएं दर्ज करा सकती है।

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