नदियों का संरक्षण और शहरी विकास एक दूसरे के पूरक हैं: शहरी विकास एवं आवास आयुक्त मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 25 सितम्बर, भोपाल।

शहरी विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि शहरों का विकास और नदियों का संरक्षण एक दूसरे के पूरक हैं ; नदियाँ न केवल पर्यावरण और समृद्ध जैव विविधता का आधार हैं , बल्कि हमारी भविष्य की जल सुरक्षा की कुंजी भी हैं। शहरी विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे भोपाल स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) में आयोजित ' सिटी रिवर डायलॉग 2026 ' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरी नियोजन के केंद्र में नदी , उसकी सहायक नदियाँ , जलग्रहण क्षेत्र और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाना चाहिए ।

छोटी धाराओं और उनके उद्गम स्थलों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि नदी संरक्षण का दायरा केवल मुख्य धारा तक सीमित नहीं होना चाहिए। उपधाराओं और सहायक नदियों का संरक्षण निरंतर जल प्रवाह , भूजल पुनर्भरण और जैव विविधता को बनाए रखने में सहायक होता है। उन्होंने भोपाल की कालियासोत नदी और अन्य जल प्रणालियों के पुनरुद्धार और संरक्षण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण , स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी और सुदृढ़ शहरी नियोजन के बीच अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया।

बहुविषयक संवाद में भविष्य की नीति-निर्माण और परिदृश्य ढाँचों पर विचार-विमर्श

' परमंच'शहर नदी संवाद 2026 शोधकर्ताओं , विकास विशेषज्ञों , कलाकारों और कवियों के साथ-साथ प्राकृतिक , भौतिक और सामाजिक विज्ञान के विशेषज्ञों ने भाग लिया और अंतर्विषयक दृष्टिकोण साझा किए। कार्यक्रम में दक्षिणी विंध्य क्षेत्र से निकलने वाले मध्य भारतीय जलक्षेत्रों की उद्गम धाराओं , नदी तटवर्ती क्षेत्रों के संरक्षण और अनियंत्रित शहरीकरण के पर्यावरणीय प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श शामिल था। इस संवाद के माध्यम से भविष्य के अनुसंधान प्राथमिकताओं , जनहित नीति निर्माण और एक व्यापक भूदृश्य रूपरेखा के विकास के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए ।

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