बैंकिंग क्षेत्र में जन विश्वास को बहाल करने के उद्देश्य से कार्य करना होगा- शासन सचिव, सहकारिता,राजस्थान
एन.एस.बाछल, 11 अगस्त, जयपुर।
शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डाॅ. समित शर्मा की अध्यक्षता में नेहरू सहकार भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमें सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के क्रियान्वयन, सहकारिता में सहकार, राज्य सरकार की बजट घोषणाएं, 1949 एक्ट की पालना आदि कार्यों की समीक्षा की गई है।
डाॅ. शर्मा कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में जन विश्वास को बहाल करने के उद्देश्य से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं का लाभ किसानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों को वार्षिक लक्ष्य तय करना चाहिए एवं लक्ष्यों के विरूद्ध प्रतिमाह आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के भी निर्देश प्रदान किए। साथ ही समस्त बैंकों एवं उनकी शाखाओं के कार्मिकों को एईबीएएस प्रणाली के अंतर्गत पंजीकरण कर नियमित रूप से उपस्थित दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने केन्द्रीय सहकारी बैंकों के कार्यों के प्रभावी निष्पादन को केपीआई के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए। इनका उद्देश्य कार्यालयों, शाखाओं एवं उनके क्षेत्राधीन पैक्स के सुषासन, वित्तीय अनुशासन, निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण, शिकायत निस्तारण, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करना है। केपीआई (की-परफोरमेंस-इण्डीकेटर्स) के आधार पर सीसीबी बैंक एवं उनकी शाखाओं को रैंकिंग दी गई है। बैंकों की रैंकिंग में कोटा सीसीबी प्रथम स्थान पर, झालावाड सीसीबी द्वितीय स्थान पर एवं भीलवाडा सीसीबी तृतीय स्थान पर रहा।
उन्होंने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के द्वारा सहकार से समृद्धि के तहत किये जा रहे कार्य यथा पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन, पैक्स के व्यवसाय के विविधिकरण करने, एम-पैक्स में नये सदस्य बनाने, उन्हें ऋण वितरण करने, आई4सी और सीजीटीएमएसई की सदस्यता, सहकारिता में सहकार योजना के तहत दुग्ध उत्पादक समितियों के सहकारी बैंकों में खाते खोलने, बैंक मित्र बनाने, माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोर-स्टेप बैंकिंग की सुविधा देने बजट घोषणा में फसली ऋण वितरण, गोपाल क्रेडिट कार्ड, स्वंय सहायक समूहों सहित अन्य बैंकिंग एक्टिविटीज की समीक्षा की।
शासन सचिव, सहकारिता ने बैठक में बताया कि समस्त ऋणी कृषकों का फसल बीमा 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने प्रदेश की सभी एम-पैक्स पर सीएचसी, पीएमकेएसके आदि समस्त सेवाएं सुचारू एवं त्वरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंको को एनपीए के स्तर को कम से कम करने तथा कृषकों को गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना के अन्तर्गत भूमिहीन केवीएसएस/जीएसएस में निर्मित किए जाने वाले गोदामों के लिए शीघ्र भूमि आवंटन करवाने तथा निर्माणाधीन गोदामों की गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करवाने के निर्देश प्रदान किये। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कार्मिको में योजनाओं के प्रति जनजागरुकता बढ़ाने के लिए सहकार से समृद्धि योजनान्तर्गत पैक्स कम्प्यूटराईजेशन एवं सहकारिता में सहकार से संबंधित कुल 20 प्रश्नों की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया, जिसमें समस्त बैंकों एवं उनकी शाखाओं के कार्मिक शामिल हुए।
नवाचार:-
डाॅ. शर्मा ने राज्य के ऋणी कृषकों से वार्ता करने हेतु अपैक्स बैंक स्तर पर काॅल सेन्टर खोले जाने की जानकारी उपलब्ध करवाई। उन्होेंने बताया कि टेलीकालर्स द्वारा राज्य के ऋणी कृषकों से ऋण एवं बीमा प्रकरणों से संबंधित वार्ता की जा रही है।
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