मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश ने मसौदे का संज्ञान लिया, सरकारी नौकरियों में अधिकतम दो बच्चों की सीमा समाप्त हो जाएगी।

एन.एस.बाछल, 10 जून, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सरकारी नौकरियों में अधिकतम दो बच्चों की सीमा से संबंधित प्रावधानों वाले मसौदा नियम को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, इसे पोर्टल से हटाने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 में, तत्कालीन राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग में यह प्रावधान था कि यदि किसी उम्मीदवार के दो से अधिक जीवित बच्चे हों तो उसे सरकारी सेवाओं और विभागीय नियुक्तियों में सीधी भर्ती के लिए अपात्र घोषित किया जा सकता है। वर्ष 2001 की प्रचलित प्रणाली के अनुसार, मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सामान्य सेवा शर्तें) नियम, 1961 के तहत, 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित बच्चे होने पर उम्मीदवार सरकारी सेवा के लिए अपात्र माने जाते थे और मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत, किसी सरकारी कर्मचारी के दो से अधिक बच्चे होना कदाचार की श्रेणी में रखा जाता था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस मामले का संज्ञान लेते हुए, सामान्य प्रशासन विभाग को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के प्रस्तावित मसौदे को तत्काल रद्द करने और उसमें दो से अधिक जीवित संतान होने पर सरकारी सेवा में अयोग्यता से संबंधित प्रावधानों को हटाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, इस नए मसौदे को विधिवत प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया गया है। वर्तमान प्रारूप को पोर्टल से तत्काल हटा दिया जाए।

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