भागवत कथा श्रवण से मिटते हैं सुख-दर्द, संसार का होता है कल्याण: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 08 जून, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद् भागवत कथा की महिमा ऐसी है कि इसे सुनने मात्र से ही मनुष्य के दुख दूर हो जाते हैं। भगवत कथा श्रवण से कष्टों का शमन होता है और समस्त संसार का कल्याण होता है। इस कथा को सुनने से मनुष्य के आध्यात्मिक विकास में भी सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ये समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और सभी के जीवन में सद्भाव और आध्यात्मिक शांति का प्रसार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को धर्म और नैतिकता के सार से अवगत कराती है। यह दिव्य ज्ञान ही है जो मनुष्य को अपने कर्तव्यों और मानव सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। भगवत गीता की कथा भगवान कृष्ण के आदर्शों और संदेशों को जनमानस तक पहुंचाने का एक पवित्र माध्यम है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले के टंकरिया पंथ गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री आवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन में अनेक कष्ट थे, परन्तु उन्होंने अपने कष्टों के द्वारा अन्य कुशासनों (कंस) का अंत किया। वे सदा धर्म के मार्ग पर चले। उन्होंने समारोह में उपस्थित असंख्य भक्तों से गीता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ-जहाँ भगवान कृष्ण ने लीलाएँ कीं, वहाँ हमारी सरकार भव्य श्री कृष्ण तीर्थ का निर्माण करने जा रही है। उन्होंने कहा कि उज्जैन जिले के नारायण गाँव और धार जिले के अंका-जंका माताजी क्षेत्र में भव्य श्री कृष्ण तीर्थ का निर्माण किया जाएगा। ग्रामीणों की माँग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टंकारिया पंथ गाँव से लेपर तक और इस गाँव से राणापुर गेट तक पक्की सड़क बनाई जाएगी। धर्मशाला में शेडों के निर्माण के लिए निधि दी जाएगी और गौशालाओं के निर्माण के लिए अनुदान भी दिया जाएगा। बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी राखी के अवसर पर भी हमारी सरकार प्रिय बहनों को शुभ संकेत के रूप में धन भेजेगी और बुजुर्गों से कहा कि हमारी सरकार सभी जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए तीर्थयात्रा का आयोजन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने सात दिवसीय भागवत कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संतों और भक्तों को बधाई दी और कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से इस क्षेत्र में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरूकता का व्यापक प्रसार हुआ है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को मजबूत करने में सहायक होते हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे, जिनमें श्रीमद् भागवत के प्रसिद्ध कथाकार राकेश शर्मा 'शास्त्री', मनोहर चौधरी, लीलाधर पटेल, जगदीश पटेल, सुदामा पटेल, सोहन पटेल और कान्हा पटेल शामिल थे। कथा के समापन पर आयोजन समिति द्वारा भंडारा भी आयोजित किया गया।
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