06/06/26

प्रदेश में महिलाओं के कल्याण और उत्थान के लिए चलाई विभिन्न योजनाएं- मुख्यमंत्री राजस्थान

एन.एस.बाछल, 06 जून, जयपुर।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के कल्याण एवं सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद इन सभी वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मातृ शक्ति के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर, जन-धन योजना के तहत बैंक खाते, हर घर नल से जल जैसे कल्याणकारी कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार होनहार बेटियों को स्कूटी योजना का लाभ दे रही है। इसके लिए सीधे अब उनके खाते में राशि जमा करने का निर्णय लिया है। मा वाउचर योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना में मिल रहे 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और सक्षम बन रही हैं। हमारी सरकार ने इस योजना में ऋण सीमा बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये एवं ब्याज घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसा महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने चौपाल में पुष्पा कंवर और अन्नू को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत चैक सौंपे। इसी प्रकार हंगामी देवी, रघुनाथ को पाइपलाइन योजना एवं हेमेन्द्र सिंह को फार्म पौण्ड योजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की तथा अर्चना व लीला को मिनी किट सौंपे। वहीं, चन्ता देवी जाट को कृषक सहकारी दुर्घटना में 10 लाख रुपये, अमर सिंह को ब्याजमुक्त ऋण के तहत 1.13 लाख रुपये, उमंग सीएलएफ से जुड़ी सोनू कंवर को 20 लाख एवं बजरंग बली समूह को 4 लाख रुपये एवं राजीविका महिला स्वयं सहायता समूह को 1 करोड़ 10 लाख 74 हजार रुपये से अधिक की राशि के चैक सौंपे। उन्होंने प्रभुलाल रैगर एवं अनुराधा नायक को अक्षय पोषण योजना की किट सौंपी।   

मुख्यमंत्री का राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद—

राजीविका से जुड़ी क्लस्टर कॉर्डिनेटर सोनू कंवर ने कहा कि राजीविका से जुड़ने से पहले  मैं  घर से निकलने में भी डरती थी लेकिन अब कई जिलों में जाकर काम कर चुकी है। पहले मैं मूलभूत जरूरतों के लिए परिवार पर निर्भर थी लेकिन आज मैं घर चलाने में बराबर की मदद करती हूं। मेरी प्रति माह आय 20 से 25 हजार रुपये है और मैंने अपने पति को ट्रेलर लेने में भी मदद की है।

लखपति मास्टर ट्रेनर मोना देवी ने कहा कि राजीविका से जुड़ने से पहले मेरी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। जयपुर में ट्रेनिंग लेकर गांव-गांव में महिलाओं को ट्रेनिंग दी। अब तक 4 हजार से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हूं। आज मेरी आय 16-17 हजार रुपये प्रति माह है। पहले मुझे गांव में कोई नहीं जानता था, आज हर कोई लखपति दीदी के नाम से जानता है।

कृषि सखी दिव्या शर्मा ने कहा कि राजीविका से जुड़ने के बाद मैंने ट्रेनिंग ली और गांव की महिलाओं को जैविक खाद से कृषि के फायदे बताते हुए प्रेरित किया। साथ ही, घरों में किचन गार्डन बनाने के लिए भी प्रशिक्षण दिया। इससे आज घरों में लोग ताजा सब्जी खा रहे हैं और दवाओं के दुष्प्रभाव से दूर हैं।

डेटा सखी हीना बानो ने कहा कि पहले घर से निकलने में झिझक होती थी और आज मैं गांव-गांव जाकर काम कर रही हूं। मेरी हर महीने आय 10 से 15 हजार रुपये हो रही है, जिससे मैं मेरे बच्चों के खर्चे के लिए किसी पर निर्भर नहीं हूं।

समूह से जुड़ी बसंती गुर्जर ने बताया कि राजीविका से जुड़ने से पहले मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। बैंक से लोन लेकर अपने बच्चों को पढ़ाया। मैंने पड़ोस की 10 महिलाओं के साथ मिलकर समूह शुरू किया, आज सैकड़ों महिलाओं को ट्रेनिंग दे रही हूं। आज मैं आत्मनिर्भर हूं और बच्चे भी सरकारी नौकरी में हैं।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायकगण जब्बर सिंह सांखला, गोपाल लाल शर्मा, उदयलाल भडाना, अशोक कुमार कोठारी, लालाराम बैरवा, गोपीचन्द मीणा और लादु लाल पितलिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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