दिल्ली सरकार द्वारा महिला स्टार्टअप्स को मिलेगा 10 करोड़ तक का बिना गारंटी लोन, मॉल में मिलेगी स्वदेशी उत्पादों को जगह
अभिकान्त, 17 मई नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और कुशल उद्यमी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा ऐलान किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और महिला स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये तक का बिना गिरवी (कोलैटरल-फ्री) ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस विशेष लोन योजना के तहत महिलाओं को अपनी कोई भी संपत्ति या दस्तावेज गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इस पूरे ऋण की शत-प्रतिशत गारंटी खुद दिल्ली सरकार लेगी। सरकार का उद्देश्य है कि पूंजी के अभाव में किसी भी महिला का बिजनेस आइडिया या घरेलू उद्योग रुकने न पाए।
मुख्यमंत्री शनिवार को रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास स्थित यूनिटी वन मॉल में उत्तर पश्चिम जिला प्रशासन द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) मेला-2026' के भव्य उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस दौरान उपस्थित जनसमूह और महिला उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी की महिलाओं को केवल कामकाजी नहीं, बल्कि सफल बिजनेस लीडर बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोडमैप तैयार कर काम कर रही है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं छोटे उद्योग, हस्तशिल्प और घरेलू कारोबार से जुड़कर अपने बेहतरीन उत्पादों को मुख्यधारा के बाजार तक पहुंचाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वदेशी अपनाओ', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' (ODOP) के दूरदर्शी विजन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले हस्तशिल्प, खादी और घरेलू उत्पाद गुणवत्ता के मामले में विदेशी ब्रांड्स से किसी भी मायने में कम नहीं हैं। देश के इन स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सिर्फ बेहतर मार्केटिंग और एक मजबूत प्लेटफॉर्म की जरूरत है। इसी कड़ी में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सीएम ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार अब राजधानी के बड़े-बड़े नामी मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए नियमित रूप से जगह (बाजार) उपलब्ध कराएगी, ताकि उनके सामान को बड़े और समृद्ध खरीदार मिल सकें। उन्होंने दिल्ली की जनता से भी अपील की कि वे विदेशी चमकीली वस्तुओं के आकर्षण से बाहर निकलकर स्थानीय और स्वदेशी उत्पाद खरीदें, जिससे देश का पैसा देश के विकास में काम आए।
महिलाओं की वित्तीय और बैंकिंग पहुंच को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से इस मेगा मेले में विभिन्न प्रमुख बैंकों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है, ताकि कार्यक्रम स्थल पर ही महिलाओं को आसान लोन प्रक्रियाओं और वित्तीय प्रबंधन की सही सलाह मिल सके। इस दो दिवसीय मेले में करीब 24 स्वयं सहायता समूहों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, जहां हस्तशिल्प, क्रोशिया कार्य, खादी वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य सामग्री और अन्य आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुओं की भव्य प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। इसमें उत्तर पश्चिम जिले के 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' के अंतर्गत आने वाले हस्तशिल्प उत्पादों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इस गरिमामयी उद्घाटन कार्यक्रम में क्षेत्र के सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक कुलवंत राणा, उत्तर पश्चिम जिले की जिलाधिकारी (डीएम) सौम्या सौरभ सहित कई वरिष्ठ बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि महिलाओं की ये छोटी-छोटी कोशिशें न सिर्फ उनके परिवारों की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की नींव को भी मजबूत कर रही हैं।
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