हरियाणा ने जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) संशोधन अधिनियम 2024 को अपनाया
हरियाणा , 02 सितंबर (अभिकान्त) : पर्यावरण से जुडे कामकाज को बेहतर बनाने और ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस (कारोबार में आसानी) को बढावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, हरियाणा राज्य ने जल (प्रदूषण निवारण और निर्यंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को अपनाया है। इसके साथ ही, राज्य में लागू जल (प्रदूषण निवारण और निर्यंत्रण) अधिनियम 1974 में किए गए संशोधनों को प्रभावी बना दिया गया है।
अवगत करवाया जाता है कि जल (प्रदूषण निवारण और निर्यंत्रण) अधिनियम, 1974 को जल प्रदूषण को रोकने और नियंत्रण करने, तथा पानी की शुद्धता बनाए रखने या उसे बहाल करने के मकसद से लागू किया गया था।
जल (प्रदूषण निवारण और निर्यंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 कई महत्वपूर्ण सुधार लाता है। इनका मकसद नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाना, जुर्माने को तर्कसंगत बनाना और आपसी भरोसे पर आधारित अनुपालन व्यवस्था को बढावा देना है। इसके साथ ही पर्यावरण की प्रभावी सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार ने यह कदम ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस, नियमों को सरल बनाने और अनुपालन के बोझ को कम करने की नीति के तहत उठाया है। साथ ही, जल संसाधनों की सुरक्षा और तय पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के मूल उद्देष्य को भी बनाए रखा गया है।
हरियाणा द्वारा संशोधित प्रावधानों को अपनाने से जल अधिनियम के दायरे में आने वाले उद्योगों और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए एक अधिक कुशल नियामक व्यवस्था बनने की उम्मीद है। ये सुधार अनावष्यक प्रकियात्मक बोझ को कम करने, खुद से नियमों का पालन करने को बढावा देने और ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को बेहतर बनाने में मदद करेंगे, और इन सबके बावजूद जल प्रदूषण को रोकने और नियंत्रित करने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
संशोधित ढाचें में कुछ छोटे उल्लंघनों के लिए कानूनी कार्रवाई की जगह मौद्रिक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, बिना मंज़ूरी के यूनिट चलाने जैसे गंभीर पर्यावरणीय उल्लंघनों के लिए कानूनी कार्रवाई भी जारी रहेगी। संशोधनों में यूनिट स्थापित करने और चलाने की मंज़ूरी देने, उसे अस्वीकार करने और रद्द करने के लिए एकसमान दिशानिर्देश; नियमों के उल्लंघन से निपटने के लिए न्याय निर्णयन प्रक्रिया के जरिए एक व्यवस्थित तंत्र; और नियायक ढांचे के तहत जवाबदेही में सुधार के प्रावधान भी शामिल हैं।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य में संशोधित प्रावधानों को लागू करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगा। बोर्ड संशोधित कानूनी ढांचे और लागू पर्यावरण मानकों के अनुसार निगरानी, निरीक्षण और प्रर्वतन की गतिविधियां जारी रखेगा।
राज्य सरकार का हरियाणा के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्थानीय निकार्यों और संबंधित पक्षों से आग्रह है कि वे संशोधित प्रावधानों का पालन करें और राज्य की नदियों व जल निकायों को स्वच्छ रखने के लिए टिकाऊ तौर-तरीके अपनाएं।
#HaryanaGovernment #WaterAct2024 #EaseOfDoingBusiness #PollutionControl #HaryanaNews #HSPCB #EnvironmentNews #DanikKhabar
Previous
IMA के आह्वान के बावजूद हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना की सेवाएं रहीं निर्बाध, अस्पतालों में दर्ज हुए 3,511 से अधिक दावे
Next