चंडीगढ़ में कचरा प्रबंधन पर प्रशासन अलर्ट; डंपिंग ग्राउंड के बैकलॉग को 30 अक्टूबर तक खत्म करने के निर्देश
चंडीगढ़ , 15 सितंबर (अभिकान्त) : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में चंडीगढ़ के वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर नवंबर में होने वाली सुनवाई से पहले यूटी प्रशासन ने नगर निगम को सभी कमियां जल्द दूर करने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने विशेष रूप से रोजाना करीब 70 टन मिश्रित कचरा डंपिंग ग्राउंड पहुंचने, सीवरेज से जुड़े लंबित कार्यों और कुछ स्थानों पर सीवेज डिस्चार्ज की समस्या का शीघ्र समाधान करने को कहा है।
यूटी के चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें NGT केस नंबर 606/2018 के तहत अब तक हुए कार्यों और उनके अनुपालन का जायजा लिया गया। बैठक में चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (CPCC) के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में सबसे बड़ी चिंता रोजाना लगभग 70 TPD मिश्रित कचरा उत्पन्न होने को लेकर जताई गई। अधिकारियों के अनुसार गांवों और उन क्षेत्रों में कचरे की सेग्रीगेशन व्यवस्था कमजोर है, जहां से मिश्रित कचरा अधिक मात्रा में आ रहा है। ऐसे इलाकों में अलग-अलग कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए वेस्ट कलेक्टरों के साथ एमओयू (MoU) करने की मंजूरी निगम हाउस दे चुका है। इसके अलावा, बारिश के कारण पिछले दिनों प्रोसेसिंग प्रभावित होने से डंपिंग ग्राउंड पर 2,500 से 3,000 टन मिश्रित कचरा जमा हो गया है। प्रशासन ने निगम को इस बैकलॉग को 30 अक्टूबर तक पूरी तरह प्रोसेस करने का सख्त लक्ष्य दिया है और स्पष्ट किया है कि इस अवधि के दौरान डंपिंग ग्राउंड पर मिश्रित कचरे का नया स्टॉक जमा नहीं होना चाहिए।
निगम ने बैठक में बताया कि इस साल जनवरी से मई के बीच कचरे की सेग्रीगेशन न करने पर 4,496 चालान किए गए हैं, इसके बावजूद कई क्षेत्रों में सोर्स सेग्रीगेशन में कमियां बनी हुई हैं। प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज करने के साथ-साथ बल्क वेस्ट जनरेटरों की पहचान कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ठोस कचरे के साथ-साथ लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लंबित कार्यों को भी गति देने को कहा गया है। सुखना चो (Sukhna Choe) में जाने वाली नई सीवर लाइन के काम में तेजी लाने और फैदा गांव में नवनिर्मित दोनों एसटीपी (STP) को जल्द चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही टर्शियरी ट्रीटेड (TT) वाटर के कनेक्शन देने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने पर जोर दिया गया है। प्रशासन ने निगम को निर्देशित किया है कि NGT की नवंबर में होने वाली सुनवाई से पहले सभी लंबित कार्य पूरे किए जाएं ताकि कचरा प्रबंधन से जुड़ा कोई भी नया गैप सामने न आए।
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