कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ओटावा में पीयूष गोयल के साथ उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान भारत-कनाडा सीईपीए को ‘गेम चेंजर’ कहा
आरएस अनेजा, 26 मई, नई दिल्ली- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को सुदृढ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तौर पर कनाडा के ओटावा पहुंचे। पीयूष गोयल अपनी इस यात्रा के दौरान 100 से अधिक कंपनियों के उद्योगपतियों सहित अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। 25 मई को ओटावा और 26-27 मई को टोरंटो में आयोजित तीन दिवसीय कनाडा यात्रा का उद्देश्य भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना है, जिसमें भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए जारी वार्ताओं में तेजी लाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
ओटावा में अपने पहले दिन की यात्रा के दौरान, गोयल ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को परिपुष्ट करने के लिए वरिष्ठ कनाडा के नेताओं और मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भेंट करते हुए गोयल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री कार्नी की हाल की भारत यात्रा को स्मरण किया, जिससे भारत-कनाडा साझेदारी को नई गति और नया आत्मविश्वास मिला। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए दूरदर्शी चर्चा करते हुए भारत-कनाडा सीईपीए के शीघ्र संपन्न होने की आशा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री कार्नी ने इस बात पर बल दिया कि भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा और एक व्यापक नए बाज़ार के द्वार खोलेगा। दोनों पक्षों ने संतुलित, व्यावसायिक रूप से सार्थक और महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और अपनी-अपनी टीमों को ऐसे समझौते की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया जो आर्थिक साझेदारियों को मज़बूत बनाने के साथ-साथ दोनों देशों के व्यवसायों और नागरिकों को ठोस लाभ पहुँचाए।
गोयल ने भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ रचनात्मक द्विपक्षीय चर्चा भी की। दोनों मंत्रियों ने अब तक संपन्न हुई वार्ताओं के परिणामों की समीक्षा करते हुए व्यापार एवं निवेश प्रवाह को बढ़ाने के भविष्य के अवसरों की पहचान की। दोनों पक्षों ने 2026 के अंत तक एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को पूरा करने के अपने संकल्प की पुष्टि की।
प्रस्तावित सीईपीए से आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और दोनों देशों के व्यवसायों और नागरिकों को लाभ पहुंचाने की आशा है, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को अपनी पूरी क्षमता तक परिपुष्ट किया जा सके।
कनाडा के कृषि एवं खाद्य मंत्री हीथ मैकडोनाल्ड के साथ हुई सार्थक बैठक में खाद्य सुरक्षा, सतत विकास और कृषि प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान देते हुए कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहयोग के सार्थक अवसरों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि ऐसा सहयोग भारतीय किसानों और उत्पादकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और साथ ही दोनों देशों के बीच कृषि एकीकरण को बढ़ावा देगा।
पीयूष गोयल ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ व्यापक वार्ता की और भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के लिए व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधों के महत्व पर बल दिया। गोयल ने भारत के बढ़ते बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, रसद, डिजिटल बुनियादी ढांचे और उपभोक्ता क्षेत्रों को व्यापक सहयोग और दीर्घकालिक कनाडा निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। दोनों पक्षों ने आर्थिक और रणनीतिक आयामों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
गोयल ने ओटावा में अपने पहले दिन का सफल समापन कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में सौहार्दपूर्ण वार्तालाप के साथ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में गोयल ने भारत की उल्लेखनीय विकास यात्रा के बारे में जानकारी दी, जो लोगों की आकांक्षाओं, सशक्त उद्यमशीलता की भावना, विशाल और कुशल प्रतिभा भंडार और बढ़ते बाजार अवसरों से प्रेरित है। श्री गोयल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और जन-संबंधों को मजबूत करने में भारतीय प्रवासियों के महत्वपूर्ण योगदान पर भी बल दिया।
गोयल 26-27 मई को टोरंटो में उद्योग गोलमेज सम्मेलनों और बी2बी सहभागिता के एक गहन कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसका उद्देश्य मंत्री स्तरीय प्रतिबद्धता को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ठोस वाणिज्यिक साझेदारी में बदलना है।
यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मार्क कार्नी द्वारा मार्च 2026 में प्रधानमंत्री कार्नी की नई दिल्ली यात्रा के दौरान निर्धारित जनादेश को आगे बढ़ाती है और 2025 के मध्य से जारी दोनों देशों के बीच निरंतर उच्च स्तरीय जुड़ाव पर आधारित है।
मार्च 2025 में संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर होने के बाद से सीईपीए वार्ता में तेजी से प्रगति हुई है। वर्चुअल वार्ता का पहला दौर मार्च 2026 में आयोजित किया गया था, जिसके बाद दूसरा दौर 8 मई, 2026 को समाप्त हुआ। गोयल की यात्रा के समानांतर, 25-29 मई तक ओटावा में तकनीकी वार्ता का एक दौर चल रहा है, जो इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों द्वारा दिखाई जा रही गंभीरता और गति को दर्शाता है।
ऊर्जा, खनन, ऑटोमोटिव सामान, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चमड़ा और वस्त्र सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल उन व्यापक अवसरों को दर्शाता है जिन्हें दोनों पक्ष हासिल करना चाहते हैं।
वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8.5 अरब अमरीकी डॉलर है और दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 50 अरब अमरीकी डॉलर करने का एक महत्वाकांक्षी साझा लक्ष्य निर्धारित किया है।
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