महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान रवाना हुआ हरियाणा के 68 सिख श्रद्धालुओं का जत्था

अभिकान्त, 20 जून हरियाणा : हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के ऐतिहासिक अवसर पर पाकिस्तान के पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन के लिए हरियाणा के 68 सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शनिवार को कुरुक्षेत्र से दोबारा रवाना हो गया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कुरुक्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही में अरदास करने के बाद श्रद्धालुओं की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जत्था शनिवार की रात पंजाब के अमृतसर पहुंचेगा और वहां से अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, यह धार्मिक जत्था अपनी यात्रा पूरी कर आगामी 30 जून को भारत वापस लौटेगा।

इस बार पाकिस्तान जा रहे कुल 68 श्रद्धालुओं के इस जत्थे में 33 श्रद्धालु ऐसे भी शामिल हैं, जिन्हें बीते 10 जून को वीजा और सभी जरूरी दस्तावेज होने के बावजूद अटारी-वाघा बॉर्डर से मायूस होकर वापस लौटना पड़ा था। दरअसल, इससे पहले 9 जून को हरियाणा से महिलाओं और बच्चों समेत कुल 94 श्रद्धालुओं का एक जत्था पूरे उत्साह के साथ बसों में सवार होकर अटारी बॉर्डर पहुंचा था। इन श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में पंचम पातशाही गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी पर्व पर आयोजित मुख्य धार्मिक समागमों में हिस्सा लेना था और 19 जून को वतन वापस आना था। परंतु, ऐन वक्त पर भारतीय गृह मंत्रालय (MHA) से अंतिम क्लीयरेंस और मंजूरी नहीं मिल पाने के कारण उन्हें सरहद पार जाने से रोक दिया गया था।

10 जून को अटारी बॉर्डर पर हरियाणा के श्रद्धालु देर रात तक भारत सरकार की अनुमति का इंतजार करते रहे थे, लेकिन मंजूरी न मिलने के कारण उन्हें भारी निराशा के साथ वापस हरियाणा लौटना पड़ा था। श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा रोष और निराशा थी कि उसी दौरान पंजाब और दिल्ली से गए सिख जत्थों को आसानी से पाकिस्तान में प्रवेश मिल गया था, क्योंकि उनके लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने पहले ही जरूरी क्लीयरेंस हासिल कर ली थी। हरियाणा के श्रद्धालुओं के साथ हुए इस प्रशासनिक गतिरोध के बाद मामला काफी गरमा गया था।

इस प्रशासनिक चूक और श्रद्धालुओं को रोके जाने के विरोध में शिरोमणि अकाली दल (SAD) हरियाणा के अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने मोर्चा संभाला था। उन्होंने बीते 12 जून को कुरुक्षेत्र के डीसी (जिला उपायुक्त) विश्राम कुमार मीणा के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। शिरोमणि अकाली दल की ओर से सौंपे गए इस ज्ञापन में पूरे मामले की गहनता से जांच कराने और हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं को तुरंत दोबारा भेजने की व्यवस्था करने सहित 5 प्रमुख मांगें रखी गई थीं। इसी राजनीतिक व सामाजिक दबाव और गृह मंत्रालय से दोबारा बातचीत के बाद अब इन श्रद्धालुओं को यात्रा की अंतिम मंजूरी प्रदान की गई है।

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