आयुष मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वृद्धावस्था स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने और मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली

वरिष्ठ नागरिकों की बेहतरी के लिए और मादक द्रव्यों के सेवन की बढ़ती समस्या को दूर करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आयुष मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आज नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य वृद्धों की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने और मादक द्रव्यों के सेवन से निपटने के लिए आयुष-आधारित उपायों को लागू करना है।

आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव श्री अमित यादव और दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा, "बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल और मादक द्रव्यों का सेवन ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, विशेषरूप से इसलिए क्योंकि हम बढ़ती वृद्धों की आबादी और नशे की लत से जुड़ी बढ़ती चिंताओं का सामना कर रहे हैं। आयुष मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के बीच यह सहयोग इन चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सामाजिक कल्याण पहलों के साथ-साथ आयुष प्रणालियों के समग्र दृष्टिकोण का लाभ उठाकर, हमारा लक्ष्य वरिष्ठ नागरिकों और मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित लोगों को सशक्त बनाना है।"

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री बीएल वर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। आयुष मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने से हमारे वरिष्ठ नागरिकों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत बुजुर्गों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल, उपचार प्रोटोकॉल, योग प्रशिक्षण कार्यक्रम, निवारक और उपचारात्मक प्रथाओं को साझा करना आदि का विकास हमारे वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम बनाने में तय करेगा। आयुष मंत्रालय के साथ हाथ मिलाकर, मुझे यकीन है कि हम मिलकर समुदाय को व्यापक सेवाएं प्रदान कर सकते हैं। ”

यह समझौता ज्ञापन वरिष्ठ नागरिकों और मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित लोगों के बीच स्वास्थ्य संवर्धन के लिए सहकारी पहल विकसित करने की दिशा में एक अग्रणी कदम है। आयुष प्रणालियों की ताकत का लाभ उठाकर, दोनों मंत्रालय जागरूकता कार्यक्रमों, सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण और आयुष स्वायत्त निकायों के अंतर्गत वृद्धावस्था स्वास्थ्य और नशामुक्ति इकाइयों की स्थापना सहित विभिन्न पहलों पर एक साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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