असम में पीएम आवास योजना - ग्रामीण के 50,000 मकानों के गृह प्रवेश कार्यक्रम

असम में पीएम आवास योजना - ग्रामीण के 50,000 मकानों के गृह प्रवेश कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के उद्बोधन के बिन्दु:

असम को इसी वित्तीय वर्ष पीएम PMAY-G के तहत मिलेंगे 3.88 लाख मकान, अगले वित्तीय वर्ष में मिलेंगे अतिरिक्त 3.88 लाख मकान

16,159 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होंगे मकान

"आज मुझे कामाख्या मैया के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। माँ से यही प्रार्थना करता हूँ कि असम की जनता की जिंदगी में सुख-समृद्धि और ऋद्धि-सिद्धि आये।

असम अद्भुत है। यहाँ के चाय के बागानों की खुशबू सुबह हर भारतीय को ताजा कर देती है। यहाँ के ब्रह्मपुत्र का बहता पानी असम की साक्षात कहानी कहता है। यहाँ बीहू की ताल पर सारा देश नाच उठता है।

आज खुले दिल से मैं असम के मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन करता हूँ।

हम भाजपा के कार्यकर्ता कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं, जनता की सेवा के लिए काम करते हैं।

प्रधानमंत्री जी सबसे पीछे और सबसे नीचे वालों का भला करते हैं। सभी गरीबों को मुफ़्त राशन देने का काम मोदी जी ने किया है।

22 लाख मकान में से 19 लाख से ज्यादा मकान यहाँ बन चुके हैं, इसके लिए मैं अभिनंदन करता हूँ।

ग्रामीण विकास मंत्री बनने के बाद मैं पहली बार यहाँ आया हूँ। अभी मकान की जरूरत और है। हर गरीब का पक्का घर होना चाहिए।

मैंने जानकारी ली है, उसके हिसाब से 7.76 लाख मकान और बनना है। आज ही 3.88 लाख मकान हम तत्काल स्वीकृत कर रहे हैं।

मुझे हिमन्ता दादा ने कहा था कि आओ तो कुछ लेकर आना, इसलिए खाली हाथ नहीं आया हूँ।

3.88 लाख मकान इसी वित्तीय वर्ष में मिलेंगे, अगले महीने किश्त जारी कर सकते हैं आप। अगले वित्तीय वर्ष यानि अप्रैल के महीने में 3.88 लाख मकान और दूंगा और सूची पूरी कर दूंगा। आवास प्लस की सूची का एक भी लाभार्थी वंचित नहीं रहेगा।

आज की घोषणा में जो मकान दिए हैं, उसमें 9,726 करोड़ रुपये की कुल राशि लगेगी, दोनों मिलाकर आज के। अगले वित्तीय वर्ष के मकानों के लिए 16,159 करोड़ रुपये दिया जाएगा। 90% केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार देगी।

जो मकान बचे हैं, मोदी जी ने तय कर लिया है, 3 करोड़ घर और बनाये जाएंगे। कई लोग छूट गए हैं, अब नया सर्वे शुरू किया जा रहा है, उन सभी का नाम जोड़ा जाएगा।

हमने 3 संशोधन किये हैं। लखपति दीदी अभियान के अंतर्गत आने वाली महिलाएँ जो 15,000 रुपये तक कमाती हैं, उन को भी इसमें जोड़ा जायेगा, टू-व्हीलर धारकों को भी मकान दिया जायेगा। ढाई एकड़ सिंचित और पाँच एकड़ असिंचित जमीन वालों को भी इसमें जोड़ा जायेगा।

जिन हितग्राहियों के पास कच्चा घर है, वो खुद भी सर्वे कर सकता है। आपके पास मोबाइल नंबर होना चाहिए, आधार को लॉगिन कीजिए, उसमें फ़ोटो अपलोड कीजिए।

सेल्फ सर्वे करने पर यदि किसी ने गड़बड़ की तो उनका वेरीफिकेशन स्वसहायता समूह की बहनों से करवाएंगे।

मैंने देखा कि यहाँ लखपति दीदी नहीं, महालखपति दीदी हैं। मैं बहनों का और मुख्यमंत्री जी का अभिनंदन करता हूँ।

दादा ने संकल्प लिया है कि असम में सभी दीदियों को लखपति दीदी बनाना है। इस महाअभियान में जितना सहयोग हो सकेगा, मोदी जी के नेतृत्व में हम करेंगे।

कृषि और ग्रामीण विकास को मिलाकर कुछ गाँव हम ऐसे तय कर लें, जिसमें कोई भी गरीब नहीं होगा।

कल मैंने दोनों विभागों की समीक्षा की। FPO का सम्मेलन असम में मैं करना चाहता हूँ पूरे पूर्वोत्तर का।

वन्यजीव किसानों की फसलों को बर्बाद कर जाते हैं, फसल बीमा योजना में इस नुकसान को कवर किया जायेगा।

यहाँ बहुत अच्छे फूल होते हैं। मैंने ICAR को निर्देश दिए हैं, इनकी अच्छी खेती कैसे हो सकती है, इसे देखें। हम एग्री इंफ्रा फंड की से अतिरिक्त धनराशि देंगे कोल्ड स्टोरेज के लिए।

इसी साल 365 करोड़ रुपये और जारी किये जाएंगे ताकि मेकेनाईजेशन हो सके। इसके बाद भी जरूरत पड़े तो मैं बैठा हूँ।

आज मैं सभी सौगातें आपको समर्पित करता हूँ। आइए हम संकल्प लें कि अपने प्रदेश के विकास में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

एक निवेदन और करूंगा मैं। एक समस्या है, हमारे देश में 365 दिन चुनाव होते रहते हैं। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है राष्ट्रहित में कि लोकसभा और सभी राज्यों के चुनाव एक बार में होना चाहिए ताकि जनता का पैसा फालतू खर्च न हो।

हम एक राष्ट्र, एक चुनाव का समर्थन करने का संकल्प लें।

Previous
Previous

लेबनान के राष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदार जोसेफ आउन

Next
Next

किसानों की आमदनी को बढ़ाना है हरियाणा सरकार का मकसद: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा