02/09/25

योग से मिलती है ऊर्जा, संतुलन और सकारात्मक सोच — डॉ. रोहित दत्त

जे कुमार, अम्बाला 2 सितम्बर - गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला छावनी में शारीरिक शिक्षा विभाग एवं योगा क्लब द्वारा ईशा योगा फ़ाउंडेशन, कोयंबटूर के सहयोग से एक विशेष योग सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सत्र में कॉलेज के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ के साथ-साथ कई आमंत्रित अतिथियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।



कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ, जो ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस अवसर पर कॉलेज प्रशासन ने बताया कि योगाभ्यास केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन दर्शन है, जो व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्तर पर मजबूत बनाता है।
ईशा फाउंडेशन के अनुभवी योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का गहन प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने समझाया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, रक्त संचार सुधरता है और मानसिक एकाग्रता भी मजबूत होती है। सत्र के दौरान तनाव कम करने और मानसिक स्पष्टता लाने वाली विशेष ध्यान तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम है। आज की व्यस्त दिनचर्या में तनाव और असंतुलन एक बड़ी चुनौती है।

ऐसे में योग का नियमित अभ्यास सभी के लिए अत्यंत आवश्यक हो जाता है। हम ईशा फाउंडेशन के आभारी हैं जिन्होंने हमारे कॉलेज में यह कार्यक्रम आयोजित कर हमें नई ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव कराया।



कार्यक्रम में भाग लेने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि योगाभ्यास ने उन्हें न केवल शारीरिक रूप से स्फूर्तिवान बनाया, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान किया। कई प्रतिभागियों ने इस प्रकार के सत्र नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।



कॉलेज प्रशासन ने घोषणा की कि आने वाले समय में योग, स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कॉलेज परिवार के सभी सदस्यों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, कॉलेज ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में छात्रों के लिए विशेष योग कार्यशालाएँ और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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