यूएसएस अब्राहम लिंकन की 286 दिन लगातार समुद्र में तैनाती, थकान मिटाने के लिए थाइलैंड में जहाज के पांच हजार सैनिकों को मिला ब्रेक
ईरान युद्ध से हटने के बाद अमेरिका वापसी यात्रा पर समुद्र परमाणु ऊर्जा युक्त युद्धपोत
आरएस अनेजा, 3 सितंबर नई दिल्ली - अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ एक ऐतिहासिक और थकाऊ मिशन के बाद 2 सितंबर 2026 को थाईलैंड के चोनबुरी प्रांत में स्थित लायम चबांग (Laem Chabang) बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह जंगी जहाज अपने गृह बंदरगाह सैन डिएगो से रवाना होने के बाद 286 दिनों से समुद्र में था, जिसमें से रिकॉर्ड 250 से अधिक दिन इसने बिना किसी पोर्ट विजिट (बंदरगाह पर रुके) के लगातार समंदर के बीच बिताए हैं।
तैनाती और वापसी का कारण :
नवंबर 2025 में रवाना हुए इस युद्धपोत को शुरुआत में प्रशांत महासागर में तैनात होना था, लेकिन मिडिल ईस्ट (इज़राइल-ईरान संघर्ष) में तनाव बढ़ने के बाद इसे तुरंत अरब सागर की तरफ मोड़ दिया गया, जहाँ इसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों का समर्थन किया।
राहत और रिप्लेसमेंट :
अगस्त 2026 में, एशिया-आधारित अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन (USS George Washington) ने मिडिल ईस्ट में इसकी जगह संभाली, जिसके बाद अब्राहम लिंकन अमेरिका वापसी की राह पर है।
जहाज की हालत :
9 महीने लगातार खारे पानी में रहने के कारण जहाज की बाहरी बॉडी पर काई, जंग और उखड़ा हुआ पेंट साफ नजर आ रहा है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार यह सामान्य टूट-फूट है और इससे जहाज की कार्यक्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सैनिकों को 5 दिनों का आराम और मानसिक स्वास्थ्य :
लगातार 250 से ज्यादा दिनों तक समुद्र में रहने के कारण चालक दल के 5,000 से अधिक नौसैनिकों और मरीन कमांडो में भारी थकान, तनाव और रसद (भोजन-हाइजीन उत्पादों) की कमी जैसी रिपोर्ट सामने आई थीं।
छुट्टी और पड़ाव :
इस मानसिक और शारीरिक थकान को मिटाने के लिए सैनिकों को थाईलैंड में 5 दिनों (2 से 6 सितंबर) का रेस्ट एंड रिकवरी (R&R) ब्रेक दिया गया है।
थाईलैंड के पताया शहर में हलचल लोकल इकोनॉमी को बूस्ट :
जहाज पर सवार अधिकांश अमेरिकी सैनिक आराम करने के लिए पास के मशहूर पर्यटन और तटीय शहर पटाया (Pattaya) पहुंच रहे हैं, जिससे वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई :
पटाया अपनी नाइटलाइफ़ और सेक्स टूरिज्म के लिए जाना जाता है। अमेरिकी सैनिकों के आगमन को देखते हुए, थाई पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी है। सैनिकों के पहुंचने से पहले ही रेड लाइट एरिया में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और एंटी-ड्रग्स नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
इसके अतिरिक्त, इस फ्लीट के साथ आए दो अन्य युद्धपोत—गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर और क्रूज़र यूएसएस रॉबर्ट स्मॉल्स भी थाईलैंड के नजदीकी बंदरगाहों पर लंगर डाले हुए हैं।
Previous
ड्रोन निर्माण, परीक्षण और नवाचार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश द्वारा प्रस्तुत रोडमैप : मध्यप्रदेश
Next