हेलमेट व सीट बेल्ट की अहमियत समझें, अनिवार्य रूप से करें प्रयोग: उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ
पलवल, 26 फरवरी 2026: सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब सख्त मोड में आ गया है। जिला सचिवालय में आयोजित 'जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति' की बैठक में उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सड़क पर गड्ढों या इंजीनियरिंग की गलती के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आंकड़ों ने समझाया हेलमेट का महत्व
उपायुक्त ने पिछले महीने की सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण करते हुए एक जीवन रक्षक तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं में शामिल 5 हेलमेट धारक व्यक्तियों की जान बच गई, जबकि हेलमेट न पहनने वाले 4 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। यह आंकड़े साबित करते हैं कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए अनिवार्य हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश:
जीरो टॉलरेंस नीति: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रशासन पूरी सख्ती से काम करेगा।
इंजीनियरिंग सुधार: सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने, अवैध कटों को बंद करने, पीली पट्टी (रिफ्लेक्टर) लगाने और साइन बोर्ड लगाने का कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
फ्लाईओवर मरम्मत: होडल, औरंगाबाद और बघोला फ्लाईओवर पर 'जंप' (ऊबड़-खाबड़ सड़क) की समस्या को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।
अतिक्रमण पर प्रहार: सड़क किनारे अवैध होटल, ढाबों और अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जाम की स्थिति न बने।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें और 'सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी' के मानकों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने आईआईटी मद्रास की ऑडिट रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को अविलंब कार्यवाही रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है।
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