जीएमएन कॉलेज, अंबाला छावनी में ‘द नेमसेक’ उपन्यास पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन
जे कुमार अम्बाला कैंट, 26 फरवरी 2026: अम्बाला कैंट के गांधी मेमोरियल नेशनल (GMN) कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा एक अनूठी शैक्षिक पहल की गई। एम.ए. अंग्रेजी और बी.ए. ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए विश्व प्रसिद्ध लेखिका झुम्पा लहिरी के कालजयी उपन्यास “द नेमसेक” पर आधारित फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर साहित्य की मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक बारीकियों को जीवंत रूप में समझाना था।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विश्लेषण:
फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों ने एक अप्रवासी (Immigrant) परिवार के उन अनुभवों को महसूस किया जो अक्सर पन्नों पर पढ़ते समय कल्पना तक सीमित रह जाते हैं। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:
पहचान का संकट (Identity Crisis): मुख्य पात्र 'गोगोल गांगुली' के नाम और उसके अर्थ के इर्द-गिर्द घूमती कहानी।
संस्कृतियों का टकराव: पारंपरिक भारतीय मूल्यों और आधुनिक अमेरिकी जीवनशैली के बीच का द्वंद्व।
विस्थापन और अपनापन: विदेश में बसने के बाद अपनी जड़ों (Roots) को तलाशने की छटपटाहट।
शिक्षाविदों के विचार:
प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अंग्रेजी विभाग की इस अभिनव शिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि "दृश्य-श्रव्य माध्यम (Audio-Visual) किसी भी विषय को समझने का सबसे प्रभावी तरीका है। फिल्म देखकर विद्यार्थी उपन्यास की आत्मा और उसके पात्रों के मनोविज्ञान को अधिक गहराई से समझ पाते हैं।"
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. ज्योति सौरोत ने उपन्यास के प्रमुख साहित्यिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. नीना और महक तलवार सहित विभाग के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों के साथ फिल्म के बाद एक सार्थक संवाद सत्र आयोजित किया।
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