चंडीगढ़ में दिनदहाड़े बीएसएनएल की अंडरग्राउंड पाइपलाइन से कॉपर वायर काटते दो चोर गिरफ्तार

चंडीगढ़, 3 जुलाई (अन्‍नू): चंडीगढ़ में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे दिनदहाड़े भी सरकारी संपत्ति को निशाना बनाने से नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला सेक्टर-16 स्टेडियम के पास से सामने आया है, जहाँ दो शातिर चोर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन के भीतर घुसकर कॉपर वायर (तांबे के तार) काट रहे थे। चेकिंग के दौरान बीएसएनएल के एजीएम (AGM) की सूझबूझ और सेक्टर-17 थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते दोनों आरोपियों को पाइपलाइन के अंदर से ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।

खुला ढक्कन और चप्पल देखकर हुआ शक, पाइप से आ रही थी आवाज

बीएसएनएल के एजीएम दविंदर कुमार ने बताया कि शहर में पिछले कुछ समय से लगातार कॉपर वायर चोरी होने की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिसके मद्देनजर विभाग की ओर से संवेदनशील इलाकों में लगातार निरीक्षण (Inspection) किया जा रहा था। इसी कड़ी में वीरवार को एजीएम दविंदर कुमार सेक्टर-16 स्टेडियम के पास निरीक्षण करने पहुंचे थे।

तभी उनकी नजर सड़क किनारे बनी बीएसएनएल की अंडरग्राउंड पाइपलाइन के खुले हुए ढक्कन पर पड़ी। जब वह उसके नजदीक गए, तो ढक्कन के पास एक जोड़ी चप्पल पड़ी हुई दिखाई दी। दिन के उजाले में खुले ढक्कन और चप्पल को देखकर उन्हें गहरा शक हुआ। दविंदर कुमार ने जब पाइपलाइन के अंदर झांककर देखा, तो उन्हें भीतर से तार काटने की रहस्यमयी आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत इसकी सूचना सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी।

पुलिस ने पाइपलाइन में उतरकर निकाला बाहर, ऑटो और आरी ब्लेड जब्त

चोरी की सूचना मिलते ही सेक्टर-17 थाना पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। स्थिति को भांपते हुए पुलिसकर्मी खुद अंडरग्राउंड पाइपलाइन के भीतर उतरे और गहराई में छिपे दोनों आरोपियों को दबोचकर बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने बीएसएनएल की कॉपर वायर चोरी करने के इरादे से अंदर घुसने की बात कबूल कर ली।

  • आरोपियों की पहचान: पकड़े गए चोरों की पहचान चंडीगढ़ के ही गांव फैदा निवासी अजय कुमार और रविंदर कुमार के रूप में हुई है।

  • सामान बरामद: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कॉपर वायर काटने में इस्तेमाल होने वाला आरी ब्लेड बरामद किया है।

  • ऑटो से आए थे चोरी करने: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रविंदर (जिसे जांच के दौरान हरविंदर भी कहा जा रहा है) पेश से ऑटो चलाता है। दोनों आरोपी उसी ऑटो में सवार होकर चोरी की वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए उस ऑटो को भी मौके से कब्जे में लेकर सीज (जब्त) कर लिया है।

पैसे का लालच देकर पहली बार चोरी करने लाया था साथी

पूछताछ के दौरान आरोपी अजय कुमार ने पुलिस के सामने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि वह पहली बार चोरी की ऐसी किसी वारदात में शामिल हुआ है। उसे उसके साथी हरविंदर (रविंदर) ने भारी रकम और पैसों का मोटा लालच दिया था, जिसके झांसे में आकर वह उसके साथ पाइपलाइन में उतर गया।

वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि हरविंदर पहले से ही कॉपर वायर चोरी के धंधे में शामिल रहा है और उस पर पुराना शक है। पुलिस अब उसका पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके साथ ही एजीएम दविंदर कुमार ने बताया कि हाल ही में सेक्टर-9 और सेक्टर-17 स्थित भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास भी बीएसएनएल की कॉपर वायर चोरी होने की बड़ी वारदातें हुई थीं। सेक्टर-17 की उस घटना के दौरान भी पुलिस और बीएसएनएल की टीम ने छापा मारा था, लेकिन तब आरोपी अपनी एक जीप मौके पर ही छोड़कर भागने में कामयाब रहे थे, जिसे पुलिस ने पहले ही जब्त कर लिया था।

दूरसंचार सेवाएं होती हैं ठप, विभाग को लाखों का नुकसान

बीएसएनएल अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रकार अंडरग्राउंड कॉपर केबल और वायर की चोरी होने से न केवल शहर की महत्वपूर्ण दूरसंचार, टेलीफोन और इंटरनेट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होती हैं, बल्कि विभाग को भी हर बार लाखों रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन दोनों ने शहर में पहले कितनी चोरियों को अंजाम दिया है और इस गिरोह में इनके साथ कोई कबाड़ी या अन्य साथी संलिप्त है या नहीं।

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