"नशा मुक्त हिसार" के संकल्प को साकार करने के लिए एसपी ने ली समीक्षा बैठक, नशा पीड़ितों की निरंतर देखभाल के दिए कड़े निर्देश
हिसार, 24 जून (अन्नू): "नशा मुक्त हरियाणा" अभियान के तहत हिसार जिले को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए हिसार पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक (SP) हिसार द्वारा आज जिला स्तर पर नशा मुक्ति अभियान एवं एनसीओआरडी (NCORD) गतिविधियों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में जिला नशा मुक्ति पुलिस टीम, स्पोर्ट्स एंड गेम्स विंग से जुड़े कार्मिकों, अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा नशा पीड़ितों की जमीनी स्तर पर देखभाल के लिए नियुक्त किए गए केयर टेकरों ने मुख्य रूप से भाग लिया।
अभियान की प्रगति का मूल्यांकन और समाज के हर वर्ग तक पहुंच की रणनीति
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक हिसार ने जिले में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नशे के विरुद्ध जिला पुलिस द्वारा चलाई जा रही जागरूकता, पीड़ितों के पुनर्वास (Rehabilitation) और उनके उपचार संबंधी गतिविधियों का गहनता से मूल्यांकन किया। एसपी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ चल रहे इस अभियान को और अधिक आक्रामक व प्रभावी बनाते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर ग्रामीण और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों तक पहुंच बनाई जाए।
केयर टेकरों को विशेष निर्देश: लगातार संपर्क में रहें और लेते रहें फीडबैक
पुलिस अधीक्षक ने बैठक में विशेष रूप से नशा पीड़ितों की देखभाल में जुटे केयर टेकरों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें निम्नलिखित अहम दिशा-निर्देश जारी किए:
नियमित संपर्क और फीडबैक: केयर टेकर अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों के नशा पीड़ितों से लगातार जीवंत संपर्क बनाए रखें। उनके स्वास्थ्य, मेडिकल उपचार एवं दैनिक व्यवहार में हो रहे सुधार की नियमित रूप से जानकारी (फीडबैक) लेते रहें।
लगातार प्रेरणा और काउंसलिंग: पीड़ितों को दोबारा नशे के दलदल में फंसने से रोकने के लिए उन्हें निरंतर नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते रहें।
पुनर्वास प्रक्रिया पर जोर: एसपी ने स्पष्ट किया कि नशा पीड़ितों का समय-समय पर हालचाल पूछना, उनकी मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग करना तथा उन्हें खेलों व अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनकी पुनर्वास प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
तस्करों पर कड़ा प्रहार और परिवारों का सहयोग
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नशा पीड़ितों को सरकारी व गैर-सरकारी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले उपचार, आवश्यक दवाइयों एवं विशेषज्ञ परामर्श सेवाओं का पूरा लाभ बिना किसी बाधा के दिलाया जाए। इसके लिए पीड़ितों के परिवारों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि घर के माहौल को भी सकारात्मक रखा जा सके।
इसके साथ ही, पुलिस अधीक्षक ने सख्त लहजे में कहा कि नशा पीड़ितों के प्रति सहानुभूति का रुख रखने के साथ-साथ, नशा तस्करों एवं अवैध नशीले पदार्थों के काले कारोबार में संलिप्त माफियाओं के विरुद्ध जिला पुलिस की सख्त और जीरो-टॉलरेंस वाली कार्रवाई पहले की तरह ही पूरी सख्ती से जारी रहेगी।
जनसहभागिता से ही बचेगा युवाओं का भविष्य: एसपी हिसार पुलिस अधीक्षक हिसार ने बैठक का समापन करते हुए कहा कि राज्य सरकार के "नशा मुक्त हरियाणा" के सपने को सफल बनाने के लिए पुलिस, नागरिक प्रशासन एवं आमजन की त्रिकोणीय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। समाज के सक्रिय सहयोग और सूचना तंत्र को मजबूत करके ही युवाओं को नशे की जानलेवा गिरफ्त से बाहर निकाला जा सकता है और उन्हें एक स्वस्थ व उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सकता है।
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