05/11/25

नारायणगढ़ में आरंभ हुई पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा की श्रीराम कथा, श्रद्धालुओं ने किया अभिनंदन

जे कुमार, नायरणगढ़ 5 नवम्बर - पद्मभूषण अलंकृत वात्सल्य मूर्ति पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा का नारायणगढ़ पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। जैसे ही दीदी मां का काफिला नगर के मुख्य बाजार से गुजरा, पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर दीदी मां का अभिनंदन किया।

पूज्य दीदी मां का यह प्रवास श्री सनातन जागरण मंच, नारायणगढ़ द्वारा नई अनाज मंडी में आयोजित श्रीराम कथा के उपलक्ष्य में है। यह कथा 4 से 6 नवंबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जा रही है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल और पार्किंग की उत्कृष्ट व्यवस्था की है।

कथा में दीदी मां का संदेश :- सत्संग में पूज्य दीदी मां ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा “श्रीराम कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि जीने की साधना है। यह कथा हमें प्रेम, वचननिष्ठा, त्याग, करुणा और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाई उद्धृत कि श्रीराम कथा मंदाकिनी चित्रकूट चित चारू, तुलसीदास सुभग स्नेह बन सिया रघुबीर बिहारू |

दीदी मां ने बताया कि श्रीराम कथा मंदाकिनी की निर्मल धारा के समान है, जो जीवन को पवित्र करती है और हृदय को शुद्ध करती है। उन्होंने कहा कि राम नाम की ज्योति के बिना जीवन अंधकारमय है, इसलिए हर व्यक्ति को राम नाम का दीपक जलाना चाहिए।

भक्ति और देशभक्ति का संगम :- दीदी मां ने भक्ति भाव से ओतप्रोत भजनों से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। “राम-राम जय जय राम” और “ये ज्ञान हृदय में रखयों रे, माया में न बसियों रे” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा के दौरान उन्होंने तुलसीदास जी और उनकी पत्नी रत्नावली के जीवन प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि मोह-माया में नहीं, बल्कि राम में प्रेम करने से ही उद्धार संभव है। देशभक्ति के स्वर में उन्होंने “ओ मेरा रंग दे बसंती चोला” गीत प्रस्तुत किया, जिससे पंडाल में बैठे श्रद्धालु देश प्रेम की भावना से सराबोर हो गए।

दीदी मां ने कहा कि आज भारत आतंक के साये में है। हमें बाहरी शत्रुओं के साथ-साथ आंतरिक शत्रुओं की भी पहचान करनी होगी। हमारी संस्कृति और संस्कारों को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। टीवी और मोबाइल के माध्यम से हमारे मूल्य क्षीण हो रहे हैं, इसलिए हमें सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने अहल्याबाई होलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने ध्वस्त मंदिरों का पुनर्निर्माण कर राष्ट्रधर्म का पालन किया था। विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति पहले दिन की कथा के मुख्य यजमान अमित अग्रवाल, मोहित गुप्ता, विशाल सैनी और सचिन अग्रवाल रहे।

इस अवसर पर आरएसएस के जिला संघचालक प्रदीप खेडा, भारतीय मजदूर संघ उत्तर क्षेत्र के संयोजक पवन जी, विभाग प्रचारक हरीश चन्द्र तथा पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी ने प्रथम दिवस की कथा के विराम अवसर पर भगवान की आरती की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

इससे पूर्व दीदी मां के रेस्ट हाउस पहुंचने पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भाई नंबरदार सुरेश पाल, हनीश सैनी, भाजपा के पूर्व जिला प्रधान राजेश बतौरा, तहसीलदार सुनील कुमार, अमित अग्रवाल, मोहित गुप्ता, राकेश बिंदल, विजय अग्रवाल, अमित गर्ग, प्रदीप गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

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