आंध्र प्रदेश, 20 अप्रैल (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आंध्र प्रदेश के एलूरू में इंडियन बैंक की नरसिम्हाराव पेटा शाखा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई ने बैंक के चीफ मैनेजर, क्लर्क-कम-कैशियर और गोल्ड अप्रेजर को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला 18 अप्रैल 2026 को सामने आया जब बैंक अधिकारियों ने एक ऑटो एजेंसी चलाने वाले व्यवसायी से अनुचित लाभ की मांग की।
क्या था पूरा मामला?
पीड़ित व्यवसायी को अपनी एजेंसी के संचालन के लिए बैंक से 50 लाख रुपये की ओसीसी (OCC) लिमिट मंजूर की गई थी। आरोप है कि जब व्यवसायी कुछ काम से राजस्थान गया हुआ था, तब बैंक के चीफ मैनेजर और क्लर्क ने उसे संपर्क किया और डराया-धमकाया। उन्होंने कहा कि बैंक ऑडिटर ने उनके खाते में कुछ तकनीकी खामियां निकाली हैं, जिसके कारण उनकी 50 लाख की लिमिट घटाकर 20 लाख की जाएगी या फिर खाते को एनपीए (NPA) घोषित कर दिया जाएगा।
मोल-भाव के बाद तय हुई रिश्वत की राशि
अधिकारियों ने शुरू में खाता सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रति लाख 1,000 रुपये के हिसाब से 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। हालांकि, लंबी बातचीत और मोल-भाव के बाद यह राशि 30,000 रुपये पर तय हुई, जिसमें से 25,000 रुपये की रिश्वत लेते समय सीबीआई ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
अगली कार्रवाई की तैयारी
सीबीआई ने बैंक के इन तीनों भ्रष्ट कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें विजयवाड़ा की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी द्वारा आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी और तलाशी का काम अभी भी जारी है, ताकि इस भ्रष्टाचार से जुड़ी अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके।
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