जयपुर जिले में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में संचालित किया जा रहा है।
एन.एस.बाछल, 02 अगस्त, जयपुर।
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव कातिकिथाला श्रीनिवास ने शुक्रवार को जयपुर जिले के जमवारामगढ़ के ग्राम लांगड़ियावास में स्थित ठोस अपशिष्ट आधारित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का दौरा किया। यह प्लांट राजस्थान सरकार की स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत एक प्रमुख पहल है, जिसे जिंदल अर्बन वेस्ट मैनेजमेंट (जयपुर) लिमिटेड द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में संचालित किया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन शहरी के निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर एवं आयुक्त, नगर निगम जयपुर (हेरिटेज) डॉ. निधि पटेल ने श्री श्रीनिवास को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
श्रीनिवास ने प्लांट प्रमुख से प्लांट की कार्यप्रणाली, उपयोग लाई जा रही नवीनतम तकनीकों, अपशिष्ट से ऊर्जा निर्माण प्रक्रिया एवं पर्यावरणीय लाभों पर विस्तृत जानकारी ली। इसके पश्चात उन्होंने संपूर्ण प्लांट का भ्रमण कर इसकी कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
इस अवसर पर श्रीनिवास ने स्वायत्त शासन विभाग, नगर निगम, जयपुर एवं जिंदल समूह के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्लांट इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र मिलकर शहरी चुनौतियों का सतत् समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। यह संयंत्र न केवल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक है बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक अहम योगदान दे रहा है।
वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की मुख्य विशेषताएं:
फरवरी, 2025 से संचालित इस प्लांट में प्रतिदिन 1000 मीट्रिक टन ठोस कचरे का प्रसंस्करण कर प्रतिदिन 12 मेगावाट-घंटा का विद्युत उत्पादन किया जाता है जिस से लगभग 2.5 करोड़ रूपए की आय नगर निगम को होती है । इस प्लांट से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा एवं परिपत्र अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल रहा है ।
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