किसानों और व्यापारियों को खाद्यान्न भण्डारण के लिए समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध
एन.एस. बाछल, 25 अप्रैल, जयपुर।
प्रदेश सरकार किसानों को खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन के भण्डारण के लिए समुचित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के विभिन्न जिलों में स्थित 97 भंडारगृहों में 16 लाख 53 हजार मैं. टन क्षमता की जगह खाद्यान्न भण्डारण के लिए उपलब्ध है। निगम के संयुक्त निदेशक मदन लाल तेली ने बताया कि स्थानीय भंडारगृह प्रशासन से संपर्क कर कोई भी किसान या व्यापारी भंडारगृह की सुविधाओं का उपयोग कर सकता है।
भण्डारगृहों की अधिकाधिक उपयोगिता सुनिश्चित करने के प्रयास—
मदन लाल तेली ने कहा कि राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम द्वारा राज्य में भण्डारण क्षमता की अधिकाधिक उपयोगिता सुनिश्चित करने एवं निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में भी निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। इस हेतु वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन एक्ट- 1962 के तहत भंडारगृहों का प्रयोग व्यापारिक इकाई के रूप में किया जाता है। उन्होंने बताया कि निगम के कुल 97 भण्डारगृहों में से 16 भण्डारगृहों की आंशिक भण्डारण क्षमता को राजस्थान स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड एवं राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स को 10 वर्षों की अवधि के लिए किराये पर देने के लिए फरवरी, 2023 में एमओयू किया गया था।
कुल क्षमता का 96.10 प्रतिशत खाद्यान्न भण्डारण के लिए उपलब्ध—
संयुक्त निदेशक ने कहा कि वर्तमान में निगम की कुल भंडारण क्षमता 17.20 लाख मैं. टन है। इसमें से 96.10 प्रतिशत खाद्यान्न भण्डारण के लिए उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एमओयू के अर्न्तगत आरएसबीसीएल को 44 हजार 747 मैं. टन (2.60 प्रतिशत) एवं आरएसजीएसएम को 21 हजार 753 मैं. टन (1.26 प्रतिशत) भंडारण क्षमता उपलब्ध करवाई गई थी। इस प्रकार निगम की कुल भण्डारण क्षमता का 3.86 प्रतिशत स्थान दोनों संस्थाओं को भण्डारण हेतु उपलब्ध करवाया गया है।
एमओयू वाले भण्डारगृहों में 70 प्रतिशत भण्डारण स्थान किसानों और व्यापारियों के लिए उपलब्ध—
मदन लाल तेली ने बताया कि आरएसबीसीएल एवं आरएसजीएसएम को एमओयू के माध्यम से प्रदेश के 14 भण्डारणगृहों में आंशिक भण्डारण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इन सभी भण्डारगृहों में 70 प्रतिशत भण्डारण क्षमता किसानों और व्यापारियों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बालोतरा भण्डारगृह में एमओयू के पश्चात् भी अब तक एजेन्सियों को जगह आवंटित नहीं की गई है। वर्तमान में राज्य भण्डारगृह, बालोतरा में कुल भण्डारण क्षमता 3,600 मैं. टन में से 2,400 मैं. टन भण्डारण क्षमता में किसानों से समर्थन मूल्य पर क्रय किया गया तिलहन, मूंगफली एवं किसान का खाद्यान्न संग्रहित है एवं शेष भण्डारण क्षमता 1,200 मैं. टन अन्य जमाकर्ताओं, किसान, व्यापारी, नैफेड आदि को संग्रहण हेतु उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य भण्डारगृह, ब्यावर में 1,800 मैं. टन क्षमता में नैफेड द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर क्रय किया गया तिलहन व मूंगफली संग्रहित है। इसी प्रकार राज्य भण्डारगृह, सवाई माधोपुर में वर्तमान में 11 हजार 420 मैं. टन भण्डारण क्षमता खाद्यान्न भण्डारण उपयोग हेतु उपलब्ध है तथा 470 मैं. टन भण्डारण क्षमता का उपयोग पहले ही प्राईवेट व्यापारियों एवं किसानों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां कुल भण्डारण क्षमता 14 हजार 590 मैं. टन में से 19 प्रतिशत भण्डारण क्षमता को आरएसबीसीएल एवं आरएसजीएसएम हेतु आरक्षित की गयी थी।