01/06/26

चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों पर आज से गिरेगी गाज: 25% पेनल्टी और 12% ब्याज लागू, कटेंगे पानी के कनेक्शन

अभिकान्त, 1 जून, चंडीगढ़: चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले करीब 65 हजार संपत्ति मालिक अब नगर निगम की सीधी और सख्त कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। निगम द्वारा दी जा रही टैक्स छूट योजना की अंतिम तिथि 31 मई को समाप्त हो चुकी है। इसके फलस्वरूप, आज (1 जून) से सभी डिफॉल्टरों पर 25% पेनल्टी (जुर्माना) और 12% सालाना ब्याज की दर लागू हो गई है। नगर निगम प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि बार-बार नोटिस के बाद भी टैक्स न भरने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिसमें जरूरत पड़ने पर पानी के कनेक्शन काटने और संपत्तियां अटैच (जब्त) करने जैसी बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इसके साथ ही रिहायशी संपत्तियों पर मिलने वाली 20% और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर मिलने वाली 10% की विशेष छूट भी अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

आखिरी दिन रविवार को भी उमड़ी भीड़; निगम की झोली में आए ₹50 करोड़

टैक्स में छूट पाने और पेनल्टी-ब्याज से बचने के लिए आखिरी दिन (रविवार) छुट्टी होने के बावजूद नगर निगम कार्यालय और विभिन्न संपर्क केंद्रों पर करदाताओं की भारी भीड़ लगी रही। बड़ी संख्या में लोग अंतिम समय में अपना टैक्स जमा कराने पहुंचे। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 मई तक की अवधि में करीब 65 हजार जागरूक करदाताओं ने अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया है। इस समय सीमा के भीतर हुई टैक्स वसूली से नगर निगम को लगभग 50 करोड़ रुपए का राजस्व (इनकम) प्राप्त हुआ है।

₹90 करोड़ के वार्षिक टारगेट से अभी दूर है नगर निगम

नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स के जरिए कुल 90 करोड़ रुपए जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। पिछले वित्त वर्ष में निगम ने रिकॉर्ड 87.91 करोड़ रुपए की वसूली की थी, जिसमें पीजीआई (PGI), पंजाब यूनिवर्सिटी और रेलवे जैसी बड़ी सरकारी संस्थाओं से वसूला गया पुराना बकाया भी शामिल था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस बार पुराना बकाया मिलने की संभावना बेहद कम है, जिसके चलते इस वर्ष ₹90 करोड़ का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल करना निगम के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।

टैक्स वसूली के लिए 1.20 लाख संपत्ति मालिकों को भेजे जा चुके हैं नोटिस

शहर में टैक्स का दायरा बढ़ाने और शत-प्रतिशत वसूली के लिए नगर निगम पहले ही करीब 1.20 लाख संपत्ति मालिकों को आधिकारिक नोटिस जारी कर चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, चंडीगढ़ शहर में कुल 1.42 लाख पंजीकृत टैक्सदाता हैं। इनमें से लगभग 1.12 लाख रिहायशी (Residential) और करीब 30 हजार कमर्शियल (Commercial) प्रॉपर्टी मालिक शामिल हैं, जिन्हें समय पर टैक्स भुगतान करने के लिए सचेत किया गया था।

कार्रवाई का खाका तैयार– ₹50 हजार से अधिक के बकायेदारों पर पहले होगा एक्शन

नगर निगम ने टैक्स न भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई का पूरा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। रणनीति के तहत सबसे पहले ₹50 हजार से अधिक का टैक्स बकाया रखने वाले बड़े डिफॉल्टरों को अंतिम नोटिस भेजकर कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके बाद क्रमशः ₹30 हजार और फिर ₹20 हजार रुपए से ज्यादा बकायेदारों पर शिकंजा कसा जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल भी निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई डिफॉल्टरों के पानी के कनेक्शन काट दिए थे और संपत्तियां अटैच की थीं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का मुख्य स्रोत है, इसलिए इस बार भी बकायेदारों के खिलाफ नियमों के तहत पूरी सख्ती बरती जाएगी।

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