हमारी नीतियों का केन्द्र बिन्दु ‘निवेश प्रोत्साहन’ निवेशकों की अपेक्षाओं की पूर्ति हमारी जिम्मेदारी
एन.एस. बाछल, 14 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर बनाना हमारी सरकार का लक्ष्य है। इसकी प्राप्ति में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हस्ताक्षरित एमओयू की समयबद्ध क्रियान्विति मील का पत्थर साबित हो रही है। समिट के अन्तर्गत लगभग 37 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हुए है जिनमें से 3 लाख करोड़ रूपये के निवेश समझौते धरातल पर भी उतर चुके है। उन्होंने कहा कि इन निवेशों से औद्योगिक विकास के रथ का पहिया तेजी से घूमेगा और हमारे युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर मिलेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित निवेशकों से निरंतर संवाद कर उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करें।
भजनलाल शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राइजिंग राजस्थान समिट में पर्यटन, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, वस्त्र एवं परिधान, ऑटोमोबाइल तथा इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्षेत्र में हस्ताक्षरित एमओयू की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर्स निवेशकों द्वारा इच्छित जमीन के आवंटन के लिए त्वरित निर्णय लें। साथ ही, निवेशकों को जमीनों के हरसंभव विकल्पों का मौका मुआयना भी कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समिट के दौरान किए गए सभी एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार की मशीनरी समर्पित होकर कार्य कर रही है। इन एमओयू की क्रियान्विति को अधिक गति प्रदान करने और विभागों के मध्य बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से उन्होंने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। भजनलाल शर्मा ने कहा कि ये अधिकारी एमओयू की निरंतर समीक्षा करने के साथ ही तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अपेक्षा है कि सभी निवेशक तय समय सीमा में सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करें।
नई पर्यटन नीति से राज्य में टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार ने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाल ही में महत्वकांक्षी पर्यटन नीति लागू की है, जिससे राज्य में पर्यटन को अपेक्षित गति मिलेगी और पर्यटन स्थलों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान ईको, रूरल, हैरिटेज, एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन में संभावनाओं के नए द्वार खोलते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व के पर्यटन मानचित्र पर राजस्थान एक पसंदीदा स्थल के रूप में उभरा है। हमारी सरकार इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
चिकित्सा क्षेत्र में युवाओं के लिए सुनहरे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव, ढ़ाणी से लेकर कस्बों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण हमारी सरकार का प्रमुख ध्येय है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में युवाओं के लिए भी कैरियर में सुनहरे अवसर है क्योंकि देश-दुनिया में दक्ष चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकता निरंतर बनी रहती है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए एमओयू के तहत खुलने वाले मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों से राज्य का चिकित्सा ढ़ांचा और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सीमितता के कारण वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के प्रमुख विषयों का सिंगल विंडो के माध्यम से समाधान कर रही है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत एवं विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी तथा संबंधित निवेशक उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।