छठा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव इंडोनेशिया के बाली में भव्य गीता महाआरती के साथ संपन्न हुआ
चंडीगढ़, 14 सितंबर (अभी) - गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि इंडोनेशिया के बाली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव ने कुरुक्षेत्र और बाली के बीच सांस्कृतिक विरासत का एक नया अध्याय जोड़ा है। इसके साथ ही, इंडोनेशिया और भारत के बीच नए संबंध भी बने हैं। इन सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए, इंडोनेशिया के राज्यपाल द्वारा कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर महर्षि मार्कंडेय के नाम पर एक सांस्कृतिक केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज इंडोनेशिया के बाली में छठे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, विदेश मंत्रालय (दक्षिणी क्षेत्र) की सचिव डॉ. नीना मल्होत्रा, हरियाणा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल और सीजीआई बाली डॉ. शशांक विक्रम ने छठे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन समारोह में पवित्र ग्रंथ गीता पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में इंडोनेशिया से आए युवा कलाकारों ने पद्मश्री इंद्र उदयना के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और शाम को भक्ति संगीत की सुंदर प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। इस समापन समारोह से पहले, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने बाली के राज्यपाल आई वायन कोस्टर को उनके निवास स्थान पर पवित्र ग्रंथ गीता भेंट की।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने इंडोनेशिया सरकार और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और गीता संस्थान के तत्वावधान में इंडोनेशिया के बाली में छठे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह न केवल एक महोत्सव था, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का एक माध्यम भी था। इसके साथ ही भारत और इंडोनेशिया के बीच मधुर संबंधों की एक नई शुरुआत हुई है।
इस महोत्सव के समापन समारोह में इंडोनेशिया के युवाओं ने वैश्विक गीता पाठ के दौरान संस्कृत में गीता के 12वें अध्याय का बेहतरीन पाठ प्रस्तुत कर सभी को चकित कर दिया। इस महोत्सव के समापन पर विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं ने समुद्र तट पर पवित्र ग्रंथ गीता की महाआरती में भाग लिया।
कुरुक्षेत्र में सांस्कृतिक केंद्र विकसित करने की योजना तैयार की जाएगी: डॉ. अरविंद शर्मा
हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इंडोनेशिया के बाली में छठे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सफल आयोजन पर आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि इंडोनेशिया की धरती से पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश विश्व के कोने-कोने तक पहुंचेंगे। इस तीन दिवसीय गीता महोत्सव के दौरान अनेक उपलब्धियां देखने को मिलीं। इस महोत्सव के दौरान, बाली, इंडोनेशिया से कुरुक्षेत्र में महर्षि मार्कंडेय के नाम पर एक सांस्कृतिक केंद्र बनाने के आए प्रस्ताव को सरकार द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने सूचीबद्ध गौशालाओं को 80 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। वर्ष 2014 से इस सरकार ने गायों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन और कई अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने इस महोत्सव में भाग लिया और इस महोत्सव के हर पल को यादगार बनाया। भारत सरकार का विदेश मंत्रालय पहली बार 40 देशों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाएगा और कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में विभिन्न देशों के 23 से अधिक विद्वानों को तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया जाएगा। विदेश मंत्रालय के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें सचिव (दक्षिणी क्षेत्र) डॉ. नीना मल्होत्रा और संयुक्त सचिव भी शामिल थे, बाली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में भाग लिया।
कुरुक्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में विभिन्न देशों से 23 विद्वान पहुंचेंगे
विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिणी क्षेत्र) डॉ. नीना मल्होत्रा ने बताया कि इस वर्ष कुरुक्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में विदेश मंत्रालय की ओर से विभिन्न देशों से 23 विद्वान पहुँचेंगे। इसके साथ ही, विदेश मंत्रालय 40 देशों में कुरुक्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम आयोजित करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के समापन समारोह में, बाली की सीनेटर डॉ. आई. गुस्ती नगुराह आर्य और पद्मश्री इंद्र उदयना को राज्य सरकार और केडीबी की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस अवसर पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया, चेयरपर्सन सुषमा गुप्ता, करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस निगरानी समिति के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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