टेरर फंडिंग मामला: एनआईए विशेष अदालत ने झारखंड के टीपीसी मामले में 12 दोषियों को सुनाई सजा

रांची, 19 अगस्त (अन्‍नू): एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने झारखंड के चतरा जिले में उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के लिए कोयला कारोबारियों, ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों से जबरन लेवी वसूली व टेरर फंडिंग मामले (RC-06/2018/NIA/DLI) में 12 दोषियों को सजा सुनाई है।

अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के तहत:

  • 5 दोषियों को: अधिकतम 10 साल का सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment)।

  • 6 दोषियों को: अधिकतम 8 साल का सश्रम कारावास।

  • 1 दोषी को: अधिकतम 5 साल का सश्रम कारावास दिया गया है।

119 गवाहों की गवाही और एनआईए जांच का ब्योरा:

  • मामले की पृष्ठभूमि: यह मामला झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित आम्रपाली और मगध कोयला खनन क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। एनआईए ने 22 दिसंबर 2018 को 16 आरोपियों के खिलाफ और 10 जनवरी 2020 को 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट (Supplementary Chargesheet) दाखिल की थी।

  • अदालती कार्यवाही: 13 आरोपियों के खिलाफ शुरुआती ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष के 119 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद 12 अगस्त 2026 को विशेष अदालत ने 12 आरोपियों को आईपीसी और यूएपीए (UA(P) Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया था।

आपराधिक साजिश का हुआ खुलासा:

एनआईए की जांच में स्थापित हुआ कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के सदस्य स्थानीय कमेटियों, कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और अधिकारियों की साठगांठ से आपराधिक साजिश रच रहे थे। इस साजिश के तहत कोयला खदानों से कोयले के उत्खनन और परिवहन की अनुमति देने के बदले में अवैध लेवी वसूली की जाती थी।

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