सुपवा की छात्रा मान्या का केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में प्रतिष्ठित समर इंटर्नशिप के लिए चयन; ओडिशा की 'पिपली कारीगरी' पर करेंगी फोकस
जे कुमार रोहतक, 29 मई 2026: रोहतक स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (DLC-SUPVA) के नाम एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज हुई है. यूनिवर्सिटी की डिजाइन फैकल्टी के टेक्सटाइल डिजाइन डिपार्टमेंट की होनहार छात्रा मान्या का चयन भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा बेहद प्रतिष्ठित समर इंटर्नशिप (Summer Internship) के लिए किया गया है.
यह समर इंटर्नशिप 1 जून 2026 से विधिवत रूप से शुरू होने जा रही है, जिसमें मान्या राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी.
कड़ी चयन प्रक्रिया को पार कर हासिल किया मुकाम
टेक्सटाइल डिजाइन विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) अनिल कुमार ने इस ऐतिहासिक चयन पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि मंत्रालय की इस समर इंटर्नशिप को देश भर में बेहद प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी माना जाता है. मान्या को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई कड़े चरणों से गुजरना पड़ा, जिनमें शामिल हैं:
रिज्यूमे स्क्रीनिंग (Resume Screening)
पोर्टफोलियो का सूक्ष्म मूल्यांकन (Portfolio Evaluation)
शॉर्ट लिस्टिंग प्रक्रिया
अंतिम दौर का कठिन इंटरव्यू (साक्षात्कार)
मान्या फिलहाल यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल डिजाइन के चौथे सेमेस्टर की छात्रा हैं और इस चयन से पूरे सुपवा परिवार में खुशी की लहर है.
ओडिशा की प्रसिद्ध 'पिपली कारीगरी' को दिलाएंगी नया आयाम
अपनी इस इंटर्नशिप के दौरान मान्या का मुख्य फोकस पारंपरिक ग्रामीण कला को आधुनिक रूप देने पर रहेगा:
शिल्प विकास और आजीविका: वह मुख्य रूप से 'पिपिलीक महिला हस्तशिल्प' के साथ जुड़कर परंपरागत शिल्प विकास व ग्रामीण आजीविका पहल पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम के तहत कार्य करेंगी.
पिपली हस्तकला पर विशेष फोकस: वह ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध पिपली कारीगरी (Pipli Applique Work) पर गहनता से काम करेंगी. उनका मुख्य उद्देश्य इस लुप्त होती पारंपरिक हस्तकला और आज के समकालीन डिजाइन प्रथाओं (Contemporary Designs) के बीच के फासले को पाटकर इसे और मजबूत बनाना होगा.
इन क्षेत्रों में देंगी योगदान: इंटर्नशिप के दौरान वे डिजाइन हस्तक्षेप (Design Intervention), कौशल विनिमय (Skill Exchange), नए उत्पादों के विकास (Product Development), दस्तावेजीकरण (Documentation) और अनुसंधान (Research) के क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगी.
ग्रामीण कारीगरों को सशक्त करने की अनूठी पहल: कुलगुरु डॉ. अमित आर्य
इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई देते हुए डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की यह अनूठी पहल देश के ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और दीनदयाल अंत्योदय योजना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं के माध्यम से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जाती है.
"इस प्रतिष्ठित समर इंटर्नशिप के माध्यम से देश के युवा अपनी आधुनिक रचनात्मक प्रतिभा को देश के सतत ग्रामीण विकास कार्यक्रमों से जोड़ते हैं। सुपवा के छात्र-छात्राएं लगातार राष्ट्रीय पटल पर यूनिवर्सिटी और हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। जब भी कोई विद्यार्थी इस ऊंचाई पर पहुंचता है, तो सबसे अधिक खुशी उसके शिक्षकों और परिवार को होती है। मान्या की यह सफलता अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बेहतरीन प्रेरणा का काम करेगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि मान्या पूर्ण समर्पण, अद्वितीय रचनात्मकता और उत्कृष्टता के साथ इस इंटर्नशिप को पूरा कर सुपवा परिवार का मान बढ़ाएगी।"
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