अम्बाला में मानसून से निपटने की तैयारियां तेज: उपायुक्त ने कहा—'कहीं भी नहीं होना चाहिए जलभराव', फोटो के साथ मांगी सफाई की रिपोर्ट
जे कुमार अम्बाला, 29 मई 2026: आगामी मानसून सीजन के दौरान जिले में जलभराव (Waterlogging) की समस्या से निपटने के लिए अम्बाला जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त (DC) अजय सिंह तोमर ने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान जिले में कहीं पर भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को अपने-अपने स्तर पर पंप, डीजल पंप, पोकलेन मशीनरी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
उपायुक्त आज अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, रेलवे, एनएचएआई (NHAI), हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) और छावनी बोर्ड (कंटोनमेंट बोर्ड) के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
सिंचाई विभाग: 15 जून से पहले साफ होंगी ड्रेनें, 20 हजार मिट्टी के कट्टे तैयार बैठक के दौरान सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार ने उपायुक्त को अब तक की प्रगति से अवगत कराया | ड्रेनों की सफाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी ड्रेनों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे 15 जून 2026 से पहले-पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
*टांगरी नदी की डी-सिल्टिंग:** जलभराव को रोकने के लिए टांगरी नदी से मिट्टी और गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) का कार्य भी मुकम्मल किया जा चुका है।
*मशीनरी और बैकअप:** विभाग के पास 25 डीजल पंपों के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रिकल पंप मौजूद हैं, जो पूरी तरह चालू हालत में हैं। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मिट्टी से भरे 20 हजार बैग (कट्टे) की एडवांस व्यवस्था कर ली गई है।
नगर निगम: 7 जून तक नालों की सफाई का दावा, 'बिफोर-आफ्टर' फोटो अनिवार्य
अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त दीपक सुरा ने अम्बाला शहर के ड्रेनेज सिस्टम की रिपोर्ट प्रस्तुत की:
*मुख्य ड्रेनें साफ:** अम्बाला शहर के अंतर्गत आने वाली तीनों मुख्य ड्रेनों की एक बार सफाई करवाई जा चुकी है और अब छोटे नालों को साफ करने का काम जारी है। यह कार्य 7 जून 2026 से पहले मुकम्मल कर लिया जाएगा।
*पंपिंग स्टेशन:** नगर निगम के पास वर्तमान में 41 पंप चालू हालत में हैं। इसके साथ ही सेक्टर-8, 9 और 10 में स्थित डिस्पोजल पंपिंग स्टेशन (DPS) पूरी तरह वर्किंग कंडीशन में हैं।
*सख्त हिदायत:** उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जहां भी सफाई कार्य हो रहा है, वहां की सफाई से पहले की (Before) और सफाई के बाद की (After) फोटो लेना अनिवार्य किया जाए, ताकि काम की पारदर्शिता बनी रहे।
पिछले साल जलभराव वाले हॉटस्पॉट्स पर विशेष नजर
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि जिन संवेदनशील इलाकों में पिछले वर्ष जलभराव के कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था, वहां इस बार ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
1. ड्यूटी रोस्टर प्रणाली: मानसून सीजन के दौरान जल निकासी पंपों पर ऑपरेटरों की ड्यूटी बकायदा रोस्टर (शिफ्ट) के हिसाब से लगाई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना समय गंवाए पंपों को तुरंत चालू किया जा सके।
2. ग्रामीण इलाकों के लिए रेंटल लिस्ट: उपायुक्त ने जिला खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) दिनेश कुमार और जिला परिषद के सीईओ को निर्देश दिए कि कुछ गांवों में जलभराव की समस्या आ जाती है। इसके लिए पहले से ही रेंटल पंपों (किराए के पंप) की एक सूची उनके रेट सहित निर्धारित करके तैयार रखी जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर गांव के सरपंच तुरंत संपर्क करके पंप मंगवा सकें।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने बिजली निगम, रेलवे और कंटोनमेंट बोर्ड को भी मानसून से पहले अपने सभी प्रबंध पुख्ता करने की अंतिम चेतावनी दी। इस उच्च स्तरीय वीसी बैठक में एसडीएम दर्शन कुमार, डीआरओ राजेश ख्यालिया समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से जुड़े रहे।
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