13/07/25

मधुमेह के निदान के लिए तनावमुक्त एवं अनुशासन युक्त जीवन शैली आवश्यक - विधानसभा अध्यक्ष

एन.एस. बाछल, 13 जुलाई, जयपुर।

डायबिटीज के प्रभावी और नवीनतम उपचार की दिशा में उल्लेखनीय पहल करते हुए अजयमेरू डायबिटीज सोसायटी एवं डायबिटीज एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अजयमेरू डायबिटीज समिट का आयोजन पैराडीजो रिसॉर्ट में किया गया। इस वर्ष समिट की थीम रिबूट एंड रिवर्स-ए 360 डिग्री न्यू फॉर स्मार्टर डायबिटीज मैनेजमेंट रखी गई जो वर्तमान समय में मधुमेह के समग्र एवं स्मार्ट प्रबंधन की आवश्यकता को दर्शाती है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि मधुमेह एक गंभीर एवं जटिल रोग है। ये धीरे—धीरे व्यक्ति के सम्पूर्ण शरीर को प्रभावित करता है। यह रोग शरीर के विभिन्न अंगों जैसे आंखों, हृदय, किडनी, स्नायु तंत्र और पैरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में बढ़ता मानसिक तनाव, अनुशासनहीन दिनचर्या, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्कि्रयता इस रोग को और अधिक जटिल बना देते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे और नियमित चिकित्सा परामर्श को प्राथमिकता दे।

वासुदेव देवनानी ने मधुमेह से लड़ने की मानसिकता को मजबूत करने के लिए कहा कि जीवन के लॉकर की दो चाबी होती हैं। एक कर्म और दूसरी भाग्य। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाग्य हमारे नियंत्रण में नहीं है लेकिन कर्म हमारे हाथ में है और सही कर्म ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार बनता है। उन्होंने उपस्थितजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि चिंताओं और तनावों से मुक्त रहकर यदि हम संयमित जीवन अपनाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें और सकारात्मक सोच बनाए रखें तो मधुमेह जैसे रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति और डिजिटल हेल्थ तकनीकों के साथ यदि व्यक्ति स्वयं जागरूक हो जाए तो रोग को केवल नियंत्रित करने के साथ रोगमुक्त भी हुआ जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब यह आवश्यक हो गया है कि हम उपचार के साथ साथ रोकथाम पर भी बराबर ध्यान दें और इसके लिए जन जागरण, शिक्षा और समाज में सकारात्मक संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की उपचार के साथ व्यवहार से भी मरीजों में आत्मविश्वास जगाएं क्योंकि चिकित्सक का सकारात्मक दृष्टिकोण रोगी की आधी बीमारी दूर कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भोजन में मिलावट और प्रदूषण के कारण खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी आई है। ऎसे में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्रतिदिन कैलोरीज़ बर्न करना और सक्रिय जीवनशैली अपनाना जरूरी है। वासुदेव देवनानी द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड एवं फैलिसिटर अवॉर्ड प्रदान किए गए। 

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