नारायणगढ़ में खोला जायेगा बागवानी महाविद्यालय, स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ भी लगेगा - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 20 जनवरी (अभी): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए एक बागवानी कॉलेज की स्थापना और स्थानीय स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ लगाने की घोषणा की। उन्होंने बड़ागढ़ स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों के लिए हाई-मास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी ताकि सांयकाल के बाद भी हमारे खिलाडी अभ्यास जारी रख सकें। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘नारायण तालाब’ की भौतिक रिपोर्ट जांच कर इसे हरियाणा तालाब प्राधिकरण को देकर तालाब का जीर्णोद्धार और पुनरुद्धार सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने पतरहेड़ी से शहजादपुर-नारायणगढ़ तक सड़क को चार लेन का बनाने की भी घोषणा की। स्थानीय बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी सड़कों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 10 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की। साथ ही, मार्केटिंग बोर्ड के तहत सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि लगभग 45 गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण पहले ही किया जा चुका है और आश्वासन दिया कि शेष गांवों में भी धीरे-धीरे इसी प्रकार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नारायणगढ़ में सहकारी चीनी मिल स्थापित करने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। किसानों की समस्याओं के मद्देनज़र राज्य सरकार इस मामले पर सक्रियता से चर्चा कर रही है और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। मुख्य सचिव इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से गंभीरता से नजर रख रहे हैं और इस सम्बन्ध में तीन बैठकें आयोजित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि या तो इसी वर्तमान मिल को सहकारी चीनी मिल के रूप में स्थापित किया जाएगा या फिर दूसरी सहकारी मिल स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नारायणगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को आगे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए इस निर्णय को जल्द ही लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में अब सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक फसल खरीद के लिए 12 लाख किसानों के बैंक खातों में 1,25,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं। खरीफ सीजन के दौरान अपर्याप्त वर्षा के कारण किसानों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए राज्य सरकार ने 2,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लगभग 1,000 करोड़ रुपये की राशि बोनस के रूप में किसानों को दी है।उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश सरकार ने ब्रिटिश काल से चली आ रही आबियाना प्रथा को भी समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने किसानों, युवाओं, किडनी रोगियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और अनुसूचित जातियों (एससी) और पिछड़े वर्गों (बीसी) के लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न अन्य पहलों पर भी प्रकाश डाला।