सिगरेट, गुटखा और पान मसाला पर टैक्स के लिए संसद में दो नए विधेयक: GST दर बढ़कर 40% होगी
जे कुमार, नई दिल्ली, 1 दिसम्बर : संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें केंद्र सरकार तंबाकू उत्पादों पर कर संरचना में बड़े बदलाव लाने के लिए दो विशेष विधेयक पेश करने जा रही है। इन विधेयकों का उद्देश्य सिगरेट, गुटखा और पान मसाला जैसे 'सिन गुड्स' (Sin Goods) पर कर की दर को उच्च बनाए रखना है। GST दर 28% से बढ़कर 40% होगी : इन प्रस्तावित बदलावों के तहत, तंबाकू उत्पादों पर लगने वाली जीएसटी दर को मौजूदा 28% (प्लस कंपनसेशन सेस) से बढ़ाकर 40% (प्लस कंपनसेशन सेस) कर दिया जाएगा।
हालांकि, टैक्स की दर बढ़ने के बावजूद, उपभोक्ता पर कुल कर भार में कोई बदलाव नहीं होगा। यह बदलाव जीएसटी मुआवजा उपकर (Compensation Cess) की जगह एक नया उपकर (Cess) लगाने के लिए किया जा रहा है, ताकि जीएसटी व्यवस्था के तहत अधिकतम कर की सीमा 40% होने के बाद भी, इन उत्पादों की कीमतें कम न हों।
पेश किए जाने वाले दो प्रमुख विधेयक : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में ये विधेयक पेश करेंगी : 'हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025' (Health Security se National Security Cess Bill, 2025) यह विधेयक मुख्य रूप से पान मसाला और अन्य निर्धारित 'सिन गुड्स' पर एक नया उपकर लगाने का प्रावधान करता है।
इस उपकर का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए संसाधन जुटाना है। सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) विधेयक, 2025 (The Central Excise Amendment Bill, 2025) यह विधेयक जीएसटी मुआवजा उपकर को हटाए जाने के बाद तंबाकू उत्पादों (जैसे सिगरेट) पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) को बढ़ाने का प्रावधान करेगा, ताकि कुल कर का बोझ मौजूदा स्तर पर बना रहे। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू उत्पादों की खपत को नियंत्रित करने और सरकार के राजस्व को स्थिर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
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