13/08/26

ग्वालियर की विशेष व्यापमं अदालत ने फर्जीवाड़ा मामले में दो आरोपियों को सुनाई 3-3 साल की कड़ी सजा

ग्वालियर/नई दिल्ली, 13 अगस्त (अन्‍नू): सीबीआई मामलों की विशेष अदालत (व्यापमं केस), ग्वालियर ने व्यापमं परीक्षा में दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर फर्जी छात्र बनकर परीक्षा देने के मामले में दो निजी व्यक्तियों—अमितेश और विपिन कुमार को 3-3 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक पर ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामले का विवरण और पृष्ठभूमि

  • मामले का पुन: पंजीकरण: सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत सीबीआई (CBI) ने 5 अगस्त 2015 को यह मामला दर्ज किया था।

  • मूल FIR: इससे पहले मूल प्राथमिकी (FIR) 9 मार्च 2014 को थाना कैंट, गुना (मध्य प्रदेश) में शासकीय पीजी कॉलेज, गुना के परीक्षा केंद्र अधीक्षक की शिकायत पर दर्ज की गई थी।

  • परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया था सॉल्वर: परीक्षा के दौरान वीक्षक (Invigilator) द्वारा रिकॉर्ड में मौजूद फोटो का मिलान न होने पर आरोपी को परीक्षा हॉल से पकड़ा गया था। प्रारंभिक जांच के बाद परीक्षा अधीक्षक ने थाना कैंट, गुना में शिकायत दर्ज कराई।

  • पहचान: पूछताछ में फर्जी परीक्षार्थी ने अपना नाम अमितेश (निवासी: जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) बताया। उसने स्वीकार किया कि वह मूल उम्मीदवार विपिन कुमार (निवासी: जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश) की जगह फर्जी परीक्षार्थी (Solver/Impersonator) बनकर परीक्षा दे रहा था।

सीबीआई जांच और अदालत का फैसला

  • चार्जशीट दर्ज: मामले की गहन जांच पूरी करने के बाद, सीबीआई ने 6 अक्टूबर 2016 को दोनों आरोपियों—सॉल्वर अमितेश और मूल उम्मीदवार विपिन कुमार के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया।

  • सजा का ऐलान: ट्रायल (मामले की सुनवाई) पूरा होने के बाद विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया।

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