रिलायंस कम्युनिकेशंस मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर की पूरक शिकायत: ₹40,185 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा

नई दिल्ली, 09 अगस्त (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू जिला अदालत की विशेष PMLA कोर्ट के समक्ष 08 अगस्त 2026 को पूरक अभियोग पत्र (Supplementary Prosecution Complaint) दाखिल किया है।

प्रमुख आरोपी और धाराएं

ED ने PMLA, 2002 की धारा 3 और धारा 70 के तहत (जो धारा 4 के अंतर्गत दंडनीय है) निम्नलिखित संस्थाओं और व्यक्तियों को आरोपी बनाया है:

  • कंपनियां: मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) और मेसर्स रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL)।

  • व्यक्तिगत आरोपी: गौतम भाईलाल दोषी, सतीश सेठ, अमिताभ झुनझुनवाला और अन्य।

मामले का बैकग्राउंड और ED की जांच

  • CBI FIR पर आधारित कार्रवाई: ED ने CBI की बैंकिंग प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी शाखा (BSFB), नई दिल्ली द्वारा बैंकों और वित्तीय संस्थानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज प्राथमिकियों (FIRs) से अपनी जांच शुरू की थी।

  • फंड्स की हेराफेरी: जांच में सामने आया कि RCOM, RTL और रिलायंस इन्फ्राटेल लिमिटेड द्वारा ली गई क्रेडिट सुविधाओं का डायवर्जन किया गया।

  • 2007 से जारी धोखाधड़ी: ED के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा साल 2007 या उससे भी पहले शुरू हुआ था। लोन की रकम को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड जैसी समूह कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा विदेश में प्रमोटरों की निजी संपत्तियां खरीदने और RCOM के मुनाफे को फर्जी तरीके से बढ़ाकर दिखाने में भी इसका इस्तेमाल हुआ।

आंकड़े और जब्ती की मांग

  • ₹40,185.55 करोड़ की अपराध आय (Proceeds of Crime): जांच में कुल डिफ़ॉल्ट और हेराफेरी की राशि ₹40,185.55 करोड़ आंकी गई है। इसमें US$ 1 बिलियन के FCCB (Foreign Currency Convertible Bonds) का गलत तरीके से प्रमाणीकरण भी शामिल है।

  • ₹8,078.06 करोड़ की संपत्ति जब्ती की मांग: ED ने अटैच की गई ₹8,078.06 करोड़ मूल्य की संपत्तियों (जो नई दिल्ली, नवी मुंबई, भुवनेश्वर, चेन्नई और पुणे में स्थित हैं) को जब्त करने के लिए कोर्ट से प्रार्थना की है।

गिरफ्तारी और अदालती स्थिति

  • मामले में गौतम भाईलाल दोषी को 12 जून 2026 और सतीश सेठ को 09 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

  • विशेष अदालत ने 15 जून 2026 को मुख्य अभियोग पत्र पर संज्ञान लिया था। मामले में आगे की जांच जारी है।

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