29/08/25

रिसाईकलिंग तकनीक से व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में बढेंगे कदम

एन.एस.बाछल, 29 अगस्त, जयपुर।

खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने कहा है कि प्रदेश में खनिजों के विशाल ढ़ेरों में बेशकीमती क्रिटिकल और रणनीतिक खनिजों की संभावनाओं को तलाश कर रिसाईकलिंग  तकनीक से डम्प्स में उपलब्ध खनिज संपदा के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। प्रदेश में खनन क्षेत्रों में खनिज डम्प्स के विशाल ढे़र उपलब्ध है। आईआईटी, हैदराबाद और आईआईटी, धनवाद से समन्वय बनाते हुए डम्प्स में एसोसिएटेड मिनरल्स के डिपोजिट्स का अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिनरल एक्सप्लोरेशन में एआईएमएल तकनीक का उपयोग करते हुए जीरो लॉस जीरो डिफेक्ट एक्सप्लोरेशन पर पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर कार्य आरंभ कर दिया गया है। राजस्थान खनिजों का म्यूजियम होने के कारण खनिज सेक्टर में विपुल संभावनाएं हैं।

      

प्रमुख सचिव टी. रविकान्त गुरुवार को जयपुर में आयोजित ईटी बिजनस समिट में ''अनलिजिंग राजस्थान्स मिनरल वेल्थः पाथवेज फार सस्टेनेबल माइनिंग, स्टोन एण्ड सीमेंट इंडस्ट्रीज'' विषय पर कीनोट संबोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा निवेशोन्मुख खनिज नीति, एम सेंड पॉलिसी और सीजीडी पॉलिसी जारी करने के साथ ही प्रक्रिया के सरलीकरण करने का ही परिणाम है कि राज्य में माइनिंग सेक्टर में निवेशक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व खान मंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व व मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रोड़मेप बनाकर आगे बढ़ रही है। सीजीडी नीति जारी करने के साथ ही साढ़े चार लाख परिवारों तक पाइपलाइन से गैस की उपलब्धता को 2030 तक 80 लाख तक पहुंचाने के लिए समयबद्ध अनुमतियां जारी करने और आधारभूत संरचना विकसित करने को आसान बनाया गया है। पेट्रोलियम और गैस के क्षेत्र में गिरते उत्पादन को देखते हुए नई तकनीक से उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी कर दिये हैं वहीं तीन चार माह में रिफाइनरी के शुरु कराने के प्रयास के साथ ही रीको द्वारा पेट्रोजोन विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब खनिज आधारित प्रसंस्करण उद्योग प्रदेश में ही स्थापित कराने पर जोर दे रही है वहीं प्रदेश में नवीनतम तकनीक और वैज्ञानिक तरीके से सस्टेनेबल माइनिंग पर बल दे रही है।

       

रविकान्त ने कहा कि राजस्थान में 82 प्रकार के खनिज है और अभी केवल 58 प्रकार के खनिजों का ही खनन हो रहा है। ऐसे में अन्य खनिजों के खनन की संभावनाओं को तलाशने और प्रदेश में उपलब्ध खनिजों के एक्सप्लोरेशन के गंभीर प्रयास किया जाना आवश्यक है। इसीलिए रोडमेप बनाकर खनिज खोज कार्य में तेजी लाई जा रही है और सरकार खनन के सभी क्षेत्रों में योजनावद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। मेजर मिनरल्स के ऑक्शन में राजस्थान पहले पायदान पर आ गया है।

    पैनल डिस्कशन के दौरान एमईसीएल के सीएमडी इन्द्र देव नारायण, आईबीएम के क्षेत्रीय निदेशक चन्द्रेश बोहरा, बिरला कारपोरेशन के मुख्यकार्यकारी संदीप घोष और स्टार सीमेंट के कार्यकारी निदेशक पंकज केजरीवाल ने भी सस्टेनेबल माइनिंग पर राजस्थान के संदर्भ में विचार रखें। हिमांशी तिवारी ने मॉडरेट किया। 

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