10/02/26

‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों को क्रियान्वित करने में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल

एन.एस.बाछल, 10 फरवरी, जयपुर।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सहकारिता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पुरजोर तरीके से प्रयास किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों को क्रियान्वित करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने राज्य में सहकारी सेक्टर को और अधिक सशक्त बनाये जाने के लिए अधिकिरियों को फील्ड विजिट करने एवं किसानों से संवाद के निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव शासन सचिवालय स्थित चिन्तन सभागार में राज्य सहकारी विकास समिति (SCDC) की आठवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ की विभिन्न पहलों की क्रियान्विति की समीक्षा की गई। साथ ही, राज्य में सहकारी सेक्टर को जमीनी स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने ग्राम उत्थान शिविरों में बेहतरीन कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ और जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग की सराहना की। 

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सहकारी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान एकमात्र राज्य है जहां 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा शत प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने राजस्थान राज्य भण्डारण निगम को निर्देशित किया कि पूर्ण हो चुके 95 गोदामों को किराये पर लिया जाए। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्तर पर गठित तीन बहुराज्यीय सहकारी समितियों की सदस्यता और राज सहकार पोर्टल के एनसीडी पोर्टल के साथ इंटीग्रेशन के मामले में भी राज्य के देश में अग्रणी स्थान पर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र ही एक कार्यशाला आयोजित कर बहुराज्यीय सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों एवं प्रगतिशील किसानों के मध्य संवाद करवाया जाए। 

बैठक में सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां आनन्दी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि राज्य में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है और अब तक 5952 पैक्स को गो-लाइव किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य की 4141 पैक्स का प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र एवं 5980 पैक्स का कॉमन सर्विस सेंटर व ई-मित्र कियोस्क के रूप में उन्नयन किया जा चुका है। इसी प्रकार, 61 पैक्स एफपीओ के रूप में कार्य कर रही हैं।

शासन सचिव ने बताया कि राज्य की 6658 पैक्स भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, 1186 पैक्स राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड एवं 1171 पैक्स राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड के लिए आवेदन कर चुकी हैं। विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत अब तक 500 मीट्रिक क्षमता के 200 गोदामों में से 190 गोदाम स्वीकृत किए जा चुके हैं जबकि, 95 गोदामों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। पैक्सविहीन समस्त ग्राम पंचायतों में एम-पैक्स का गठन किया जा रहा है। नवीन बहुउद्देशीय पैक्स के गठन में राज्य का देश में दूसरा एवं डेयरी सहकारी समितियों के गठन में तीसरा स्थान है।

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