स्टेशन मास्टर्स बनेंगे और ‘पावरफुल’: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, बदल जाएगी स्टेशनों की सूरत
आरएस अनेजा, 19 जून नई दिल्ली - केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें स्टेशन मास्टरों द्वारा सामना किए जाने वाले मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। साथ ही, भारतीय रेल नेटवर्क में सुरक्षित, अधिक कुशल और यात्री-केंद्रित रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक ढांचे पर विचार-विमर्श भी किया गया।
रेलवे स्टेशनों के सुचारू संचालन, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय, यात्री सुविधाओं के प्रबंधन और सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में स्टेशन मास्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समीक्षा के दौरान, स्टेशन मास्टरों के दैनिक कार्यों में आने वाली प्रचालनगत और प्रशासनिक चुनौतियों की पहचान करने एवं उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए समाधान विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में स्टेशन मास्टरों की भूमिका को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक और प्रचालनगत शक्तियों में वृद्धि, करियर में उन्नति के बेहतर अवसर और प्रबंधन के उच्च स्तरों तक पहुंचने के अधिक अवसरों से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इन उपायों का उद्देश्य स्टेशन मास्टरों को त्वरित निर्णय लेने, यात्री सेवा में सुधार करने और स्टेशन की अवसंरचना, स्टाफ कार्यालयों, कॉलोनियों और अन्य संबंधित सुविधाओं की प्रभावी ढंग से निगरानी करने में सक्षम बनाना है।
बढ़ती प्रचालनगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, मल्टी-ट्रैक और उच्च-घनत्व वाले खंडों में अतिरिक्त स्टेशन मास्टरों की नियुक्ति पर चर्चा केंद्रित रही, जहां यातायात स्तर और प्रचालनगत जटिलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्टेशन मास्टर पद में रिक्तियों को शीघ्रता से भरने की आवश्यकता की भी समीक्षा की गई, जिसमें इन रिक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर भरने पर जोर दिया गया।
कार्यकुशलता बढ़ाने में प्रौद्योगिकी के महत्व को स्वीकार करते हुए, स्टेशन मास्टरों के लिए मोबाइल ऐप आधारित कागज रहित कार्य प्रणाली शुरू करने पर चर्चा हुई। बैठक में एकीकृत स्टेशन प्रबंधन प्रणाली के विकास की भी समीक्षा की गई, जिससे रेलवे के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और स्टेशनों पर यात्रियों से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
रेल मंत्री ने आधुनिक कौशल विकास और क्षमता निर्माण के महत्व पर बल दिया। अधिकारियों ने वर्चुअल रियलिटी, सिमुलेटर और अन्य आधुनिक प्रशिक्षण प्रौद्योगिकियों के उपयोग के माध्यम से प्रशिक्षण पद्धतियों को उन्नत करने पर चर्चा की, ताकि स्टेशन मास्टरों को निरंतर जटिल होते रेलवे संचालन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।
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