पुलिसकर्मी के बेटे की ओवरडोज से मौत, पिता ने शव सड़क पर रख सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा
जे कुमार अमृतसर, 15 फरवरी 2026: पंजाब में नशे की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं, इसका दर्दनाक उदाहरण अमृतसर के गुरु नानकपुरा इलाके में देखने को मिला। यहाँ 'चिट्टे' की आग एक पुलिस अधिकारी के घर तक पहुँच गई, जहाँ पंजाब पुलिस में होम गार्ड के पद पर तैनात अशोक सैनी के 26 वर्षीय बेटे आकाश की नशे का इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई।
मृतक आकाश न केवल एक होनहार फुटबॉल खिलाड़ी था, बल्कि उसने B.Sc. की पढ़ाई भी पूरी की थी। पिता अशोक सैनी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को बचाने के लिए कई बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था और बीती रात ही वे उसे केंद्र से घर लेकर आए थे। लेकिन सुबह वह अपने एक दोस्त के साथ गया, जहाँ नशे का इंजेक्शन लेने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई और उसका साथी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया।
बेटे की मौत से टूटे पिता ने आकाश का शव बीच सड़क पर रखकर पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर अपने बच्चों की जान बचानी है तो पंजाब छोड़ दो, क्योंकि यहाँ घर-घर में ड्रग्स बिक रहे हैं और पुलिस तस्करों को पकड़ने में नाकाम है। उन्होंने भावुक होते हुए कड़े शासन की मांग की और कहा कि सरकार के ड्रग्स खत्म करने के दावे पूरी तरह खोखले हैं।
मौके पर पहुँचे इस्लामाबाद थाने के पुलिस अधिकारी हर संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने स्थिति का जायजा ले लिया है और परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर पंजाब में नशे की भयावह स्थिति और युवा पीढ़ी के बर्बाद होते भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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