11/06/26

हिसार रेंज में अपराधियों और साइबर ठगों पर कसेगा शिकंजा: आईजीपी कुलदीप सिंह ने ली मैराथन अपराध गोष्ठी, दिए कड़े निर्देश

हिसार, 11 जून (अन्‍नू): क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, बढ़ते अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने और विशेष रूप से तकनीकी व डिजिटल ठगी (Cyber Crimes) के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में हिसार रेंज के महानिरीक्षक (IGP) कुलदीप सिंह, IPS ने कल (10 जून) अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण और विस्तृत रेंज-स्तरीय 'अपराध गोष्ठी' (Crime Review Meeting) की अध्यक्षता की।

इस हाई-लेवल बैठक में एसपी हिसार, जिले के समस्त डीएसपी (DSPs), सभी विशेष जांच इकाइयों के प्रभारी, साइबर थाना प्रभारी और साइबर सेल के एक्सपर्ट्स मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा क्षेत्र में पनप रही नई अपराध प्रवृत्तियों की समीक्षा करना, लंबित मामलों की त्वरित जांच और आम जनता की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित करना था।

आईजीपी कुलदीप सिंह द्वारा जारी किए गए मुख्य निर्देश व कड़े फैसले:

  • त्वरित जांच और सीनियर ऑफिसर्स को रिपोर्ट: आईजीपी ने सभी प्रभारी इकाइयों को दो टूक निर्देश दिए कि किसी भी अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत रिस्पॉन्स करे और जांच को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। यदि क्षेत्र में कोई भी गंभीर या संवेदनशील वारदात होती है, तो उसकी रिपोर्ट बिना किसी देरी के तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए।

  • साइबर सेल और थानों में बेहतर तालमेल: साइबर अपराध के लगातार बदलते तरीकों को देखते हुए आईजीपी ने साइबर सेल और स्थानीय थानों के बीच समन्वय (Coordination) को और ज्यादा मजबूत करने के निर्देश दिए। अब दोनों विंग्स आपस में रीयल-टाइम सूचनाओं और तकनीकी इनपुट्स का आदान-प्रदान करेंगे, ताकि साइबर अपराधियों को तुरंत दबोचा जा सके।

  • डिजिटल सबूत और साइबर फॉरेंसिक पर जोर: जांच अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे मामलों को कोर्ट में मजबूत बनाने के लिए डिजिटल साक्ष्य संग्रहण (Digital Evidence Collection) और साइबर फॉरेंसिक प्रक्रियाओं का बारीकी से पालन करें। थानों के स्तर पर तकनीकी मामलों की हर रोज क्लोज मॉनिटरिंग और तीव्रता से फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा।

  • नागरिकों को जागरूक करने के लिए चलेगा महा-अभियान: ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग (Phishing) और पहचान चोरी (Identity Theft) जैसी ठगियों से जनता को बचाने के लिए पुलिस अब व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इसके तहत सरकारी व निजी संस्थानों, बैंकिंग सेक्टर्स और वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

  • गश्त और आपातकालीन रेस्क्यू सिस्टम होगा मजबूत: शहरों और ग्रामीण इलाकों में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग (गश्त) को बढ़ाया जाएगा। साथ ही, पुलिस की त्वरित आपात प्रतिक्रिया प्रणाली (Dial 112/ERSS) को और अधिक सशक्त और एक्टिव किया जाएगा।

  • मैनपावर का सही इस्तेमाल और सतत ट्रेनिंग: अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस बल (Force) का सही और संतुलित नियोजन किया जाएगा। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को नई तकनीकों और साइबर टूल्स से अपडेट रखने के लिए उनका सतत प्रशिक्षण (Continuous Training) और कड़ाई से मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।

लापरवाही पर सीधे सस्पेंशन और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

मीटिंग के दौरान आईजीपी श्री कुलदीप सिंह ने अनुशासन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि ड्यूटी के दौरान आम जनता की शिकायतों को पेंडिंग रखने, तफ्तीश में ढील बरतने या किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ तुरंत प्रभाव से बेहद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) अमल में लाई जाएगी।

"जनता का भरोसा बनाए रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता" — आईजीपी आईजीपी श्री कुलदीप सिंह, IPS ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस का सबसे पहला और प्राथमिक दायित्व आम नागरिकों के जीवन और उनकी संपत्ति की शत-प्रतिशत सुरक्षा करना है। आज के दौर में तकनीक आधारित अपराधों (Tech-Based Crimes) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में पुलिस की हर इकाई को बेहद सजग, उत्तरदायी और प्रो-एक्टिव रहकर फील्ड में काम करना होगा ताकि खाकी पर जनता का अटूट भरोसा बना रहे। सार्वजनिक शिकायतों का त्वरित निवारण और अपराधियों के विरुद्ध दृढ़ कार्रवाई हमारी शीर्ष प्राथमिकता रहेगी।

रोजाना मुख्यालय भेजी जाएगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

बैठक के अंत में सभी अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे इन निर्देशों को तुरंत जमीनी स्तर पर लागू करें और प्रत्येक विंग की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट (Daily Progress Report) क्षेत्रीय मुख्यालय (रेंज हेडक्वार्टर) को भेजी जाए। इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे समाज में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें और अपने आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने, चौकी या साइबर सेल को सूचित करें।

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