PACL महाघोटाला: पीड़ित निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, ED लौटाएगा ₹9,420 करोड़ की 282 संपत्तियां

नई दिल्ली, 10 जून (अन्‍नू): देश के सबसे बड़े पोंजी स्कीम घोटालों में से एक 'पीएसीएल लिमिटेड' (PACL) निवेश धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। ईडी ने ठगी के शिकार हुए लाखों मासूम निवेशकों के डूबे पैसे वापस दिलाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की माननीय विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए घोटाले से जुड़ी 282 अचल संपत्तियों (Immovable Properties) को 'जस्टिस लोढ़ा कमेटी' को वापस सौंपने (Restitution) का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 9 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, कोर्ट द्वारा लौटाई जा रही इन 282 अचल संपत्तियों का अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य (Current Market Value) ₹9,420.57 करोड़ है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित समिति के माध्यम से संपत्तियों की लिक्विडेशन (बिक्री) कर ठगे गए निवेशकों के पाई-पाई का भुगतान सुनिश्चित करना है।

चालू वित्त वर्ष में ही ₹1,595 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कुल जब्ती ₹28,626 करोड़ पार

ईडी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार स्वर्गीय निर्मल सिंह भांगू, उनकी कंपनियों और उनके पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ ईडी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जांच एजेंसी ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान ही लगभग ₹1,595.85 करोड़ की नई संपत्तियों को कुर्क (Attach) किया है।

इसके साथ ही, पीएसीएल (PACL) मामले में ईडी द्वारा अब तक की गई कुल संपत्ति कुर्की का आंकड़ा बढ़कर ₹28,626 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच गया है। ईडी ने बताया कि जब्त की गई संपत्तियां न केवल भारत के विभिन्न राज्यों में फैली हैं, बल्कि इनमें विदेशों (जैसे ऑस्ट्रेलिया) में खरीदी गई महंगी संपत्तियां और आलीशान विला भी शामिल हैं। ये तमाम संपत्तियां मैसर्स पीएसीएल लिमिटेड, मैसर्स पीजीएफ लिमिटेड, उनके प्रमोटरों और दिवंगत निर्मल सिंह भांगू के परिजनों — बारींदर कौर (बेटी), हरसातिंदर पाल सिंह हेयर (दामाद), सुखविंदर कौर (बेटी), गुरप्रताप सिंह (दामाद) और प्रेम कौर (पत्नी) व उनकी मुखौटा कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं।

68,000 करोड़ का निवेश जाल: 48,000 करोड़ रुपये अब भी बकाया

यह पूरा मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा मैसर्स पीएसीएल लिमिटेड (PACL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर (FIR) से शुरू हुआ था। सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट के अनुसार:

  • अवैध सामूहिक निवेश योजना (पॉन्जी स्कीम): आरोपियों ने देश भर के सीधे-साधे और मध्यमवर्गीय लोगों को झांसा देकर सामूहिक निवेश योजनाओं (Collective Investment Schemes) के नाम पर ₹68,000 करोड़ से अधिक की विशाल राशि जुटाई थी।

  • फर्जी दस्तावेजों का खेल: निवेशकों को लुभाने के लिए किस्त-आधारित और कैश-डाउन प्लान दिए गए। उन्हें फर्जी एग्रीमेंट्स और अलॉटमेंट लेटर्स थमा दिए गए, जबकि जमीनों का कोई मालिकाना हक उन्हें कभी मिला ही नहीं।

  • बकाया राशि: जांच के अनुसार, ठगी के शिकार हुए इन निवेशकों के लगभग ₹48,000 करोड़ आज भी इस फ्रॉड नेटवर्क के पास फंसे हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित हुई थी 'जस्टिस आर.एम. लोढ़ा कमेटी'

प्रेस रिलीज के अनुसार, इस मामले में सिविल अपील संख्या 13301/2015 (सुब्रत भट्टाचार्य बनाम सेबी) की सुनवाई करते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आर.एम. लोढ़ा (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन करने के निर्देश सेबी (SEBI) को दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि पीएसीएल की सभी संपत्तियों को बेचकर जो भी राशि प्राप्त होगी, उसे सीधे तौर पर गरीब निवेशकों को रिफंड किया जाएगा।

इसी आदेश के तहत, ईडी ने 26 जुलाई 2016 को मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का आपराधिक मामला (ECIR) दर्ज किया था। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई (Proceeds of Crime) को बेहद शातिर तरीके से दर्जनों आपस में जुड़ी मुखौटा कंपनियों के जरिए डाइवर्ट और लेयर किया गया था, जिसका इस्तेमाल बाद में रिश्तेदारों और प्रॉक्सी (बेनामीदारों) के नाम पर देश-विदेश में जमीनें खरीदने के लिए हुआ।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, भगोड़ों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

घोटालेबाजों पर कानूनी कार्रवाई की जानकारी देते हुए ईडी ने बताया कि वह कोर्ट में 10 सितंबर 2018 को ही अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दर्ज करा चुका है, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया हुआ है। इसके अतिरिक्त:

  • भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEOA) कानून: निर्मल सिंह भांगू की बेटी सुखविंदर कौर और दामाद गुरप्रताप सिंह के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • गिरफ्तारियां: ईडी ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हरसातिंदर पाल सिंह हेयर (दामाद) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

  • गैर-जमानती वारंट (NBW): मुख्य आरोपी की बेटी बारींदर कौर और पत्नी प्रेम कौर के खिलाफ कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।

ईडी ने प्रेस रिलीज के अंत में दोहराया है कि वह इस महाघोटाले के पीड़ितों को पूरा न्याय दिलाने, 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' की हर एक पाई की पहचान करने, उसे जब्त करने और निवेशकों को वापस लौटाने के लिए कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामले की आगे की जांच (Further Investigation) तेजी से जारी है।

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