11/05/26

'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0': दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गैंग के 6 शूटर्स को दबोचा

नई दिल्ली, 11 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए बदमाशों के पास से कुल 10 अवैध हथियार और 81 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों में 9 अत्याधुनिक पिस्तौलें (जिनमें इटली निर्मित बेरेटा पिस्तौलें भी शामिल हैं) और एक .312 बोर की राइफल शामिल है।



करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास से हुई गिरफ्तारी

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, डीसीपी हर्ष इंदोरा के निर्देश पर इंस्पेक्टर प्रकाश चंद और एसीपी राज कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गैंग के शूटर करोल बाग स्थित एक क्लब में इकट्ठा हुए हैं। जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने क्लब के बाहर निगरानी रखी और सुबह करीब 4:05 बजे जब आरोपी बाहर आए, तो उन्हें दबोच लिया गया। उनकी मारुति बलेनो कार से भी भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।



गिरफ्तार किए गए अपराधियों का विवरण:

  • नवाज़िश (32 वर्ष): यह गैंग के हथियारों को संभालने और सट्टेबाजी व जबरन वसूली (extortion) का काम देखता था।

  • माज़ (24 वर्ष): इसके मामा पहले से ही मकोका (MCOCA) के तहत जेल में हैं। यह दुबई में बैठे राशिद केबल वाला के सीधे संपर्क में था।

  • इमरान उर्फ तेली (39 वर्ष): यह इलाके का घोषित अपराधी (BC) है और गैंग की वित्तीय गतिविधियों और हथियारों की सप्लाई का प्रबंधन करता था।

  • फैज कुरैशी (26 वर्ष): क्लबों से उगाही और सट्टेबाजी में सक्रिय।

  • अफाक (24 वर्ष): प्रीत विहार फायरिंग मामले में भी शामिल रहा है।

  • अरशद उर्फ छोटा (25 वर्ष): इसे गैंग ने कानूनी खर्च और परिवार की मदद का लालच देकर शामिल किया था।


'सिग्नल ऐप' के जरिए दुबई से चलता था नेटवर्क

दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज के अनुसार, ये सभी अपराधी दुबई में छिपे कुख्यात गैंगस्टर राशिद केबल वाला के साथ 'सिग्नल ऐप' के माध्यम से सीधे संपर्क में थे। राशिद केबल वाला, जो नादिर शाह हत्याकांड और पूर्वी दिल्ली के डबल मर्डर जैसे जघन्य अपराधों में वांछित है, दुबई से ही अपने गुर्गों को निर्देश दे रहा था। ये शूटर अपने विरोधी गैंग के सदस्यों की हत्या करने और स्थानीय क्लबों से जबरन वसूली की योजना बना रहे थे।



दिल्ली पुलिस की बड़ी उपलब्धि

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस ऑपरेशन से अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और संभावित हिंसक वारदातों को टाल दिया गया है। दिल्ली पुलिस अब उन सप्लायरों की तलाश कर रही है जो इन गैंगों को हथियारों की खेप पहुंचा रहे थे। डीसीपी हर्ष इंदोरा ने दोहराया कि दिल्ली पुलिस संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



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